जम्मू और कश्मीर

Farooq ने कहा, शांति और संवाद ही स्थायी रास्ता

Ratna Netam
9 April 2026 5:46 PM IST
JAMMU.जम्मू: वरिष्ठ नेता फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीज़फ़ायर का स्वागत करते हुए कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति, संवाद और कूटनीति को ही सबसे प्रभावी रास्ता बताया। फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लंबे समय से चल रहे तनाव के बाद दोनों देशों के बीच सीज़फ़ायर होना एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा, “यह पूरे विश्व के लिए राहत की बात है कि तनाव कम करने की दिशा में पहल की गई है। हमें हमेशा शांति और बातचीत के रास्ते पर ही चलना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि युद्ध से केवल विनाश होता है और आम लोगों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। फ़ारूक़ ने कहा कि इतिहास गवाह है कि युद्धों ने कभी भी स्थायी समाधान नहीं दिया, बल्कि समस्याओं को और जटिल बना दिया है।
फ़ारूक़ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे ऐसे प्रयासों को बढ़ावा दें जो देशों के बीच विश्वास और सहयोग को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि कूटनीतिक संवाद के माध्यम से ही वैश्विक शांति सुनिश्चित की जा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समय में दुनिया को शांति, स्थिरता और सहयोग की जरूरत है। ऐसे में ईरान और अमेरिका के बीच सीज़फ़ायर से अन्य देशों को भी सकारात्मक संदेश मिलेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फ़ारूक़ का यह बयान अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान वैश्विक स्तर पर शांति के पक्ष में माहौल बनाने में मदद करते हैं।
इस बीच, फ़ारूक़ ने भारत की विदेश नीति की भी सराहना की और कहा कि भारत हमेशा से शांति और संवाद का समर्थन करता रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की भूमिका अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण रही है।
अंततः, फ़ारूक़ अब्दुल्ला द्वारा ईरान-अमेरिका सीज़फ़ायर का स्वागत और युद्ध के खिलाफ दिया गया संदेश वैश्विक शांति और कूटनीति के महत्व को रेखांकित करता है। यह बयान अंतरराष्ट्रीय संबंधों में संवाद और सहयोग को प्राथमिकता देने की आवश्यकता को भी उजागर करता है।
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