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श्रीनगर/जम्मू-कश्मीर: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस बात का पता लगाया जाना जरूरी है कि इस घटना के पीछे कौन लोग हैं और हत्या किसने की।
यह आतंकी हमला शुक्रवार को कुलगाम जिले में हुआ था, जिसमें छत्तीसगढ़ से आए दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई थी। घटना के बाद राजनीतिक दलों और स्थानीय नेताओं ने इसकी निंदा की है। फारूक अब्दुल्ला ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें इस घटना का बेहद अफसोस है। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मजदूरों की हत्या किसने की और किस परिस्थिति में यह हमला हुआ। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जांच के जरिए यह सामने आना चाहिए कि इस वारदात के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
राज्य का दर्जा बहाली की मांग से जोड़ा समय
फारूक अब्दुल्ला ने घाटी में आतंकी घटनाओं के समय को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब भी उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग करती है, उसी समय ऐसी घटनाएं क्यों सामने आती हैं, यह समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग लंबे समय से राज्य का दर्जा वापस दिए जाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे समय में हिंसक घटनाएं चिंता का विषय हैं और इनकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य में शांति और स्थिरता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे मौजूद लोगों तक पहुंचेंगी और दोषियों को कानून के तहत सजा मिलेगी।
घाटी में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल
कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर हुए हमले ने एक बार फिर घाटी में बाहरी राज्यों से आए कामगारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में भी आतंकियों द्वारा प्रवासी मजदूरों और आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। सुरक्षा एजेंसियां ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।
राजनीतिक दलों ने भी सरकार से मांग की है कि प्रवासी मजदूरों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं जांच
कुलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान और उन्हें पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। घटनास्थल से जुड़े सबूत जुटाए जा रहे हैं और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।
अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है और हमले में शामिल लोगों को जल्द पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
फारूक अब्दुल्ला ने की शांति की अपील
फारूक अब्दुल्ला ने इस घटना के बाद लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिंसा से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति के लिए जरूरी है कि निर्दोष लोगों की जान लेने वाली घटनाओं पर रोक लगे।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा, विकास और राजनीतिक स्थिरता के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा।
नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य करने के लिए विश्वास बहाली जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से भी अपील की कि वह राज्य के लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए।
कुलगाम आतंकी हमले के बाद राजनीतिक और सुरक्षा स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। जहां सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की तलाश में जुटी हैं, वहीं राजनीतिक दल घटना की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।





