- Home
- /
- राज्य
- /
- जम्मू और कश्मीर
- /
- पंजाबी को सरकारी...

जम्मू: पंजाबी भाषा को जम्मू-कश्मीर में आधिकारिक भाषा का दर्जा देने की मांग को लेकर सिख संगत का धरना लगातार छठे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अपनी मांग के समर्थन में आवाज उठाते हुए सरकार से इस मामले में जल्द निर्णय लेने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाबी भाषा जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक और भाषाई विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और बड़ी संख्या में लोग इस भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में पंजाबी को भी उचित मान्यता और सम्मान मिलना चाहिए।
सिख संगत के सदस्यों ने कहा कि वे पिछले छह दिनों से लगातार धरना देकर अपनी मांग सरकार और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पंजाबी भाषा को जम्मू-कश्मीर की आधिकारिक भाषाओं में शामिल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांग भाषा के सम्मान और उसके संरक्षण से जुड़ी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और जल्द उचित निर्णय लेने की अपील की।





