जम्मू और कश्मीर

DC Kathua ने हिंसा पीड़ितों के लिए राहत और पुनर्वास की समीक्षा की

Ratna Netam
5 May 2026 5:45 PM IST
DC Kathua ने हिंसा पीड़ितों के लिए राहत और पुनर्वास की समीक्षा की
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Jammu.जम्मू: जिला प्रशासन ने हाल ही में क्रॉस-बॉर्डर शेलिंग और स्थानीय हिंसा से प्रभावित नागरिकों के राहत कार्यों की समीक्षा के लिए एक अहम बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर (DC) कठुआ ने की, जिसमें संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और राहत कार्यों से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद थे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य था पीड़ित परिवारों को तुरंत और प्रभावी राहत पहुंचाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर प्रभावित लोगों तक पहुंचे। डीसी ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी मामले में लापरवाही या विलंब की अनुमति नहीं दी जाएगी और सभी राहत उपाय पारदर्शी तरीके से लागू होने चाहिए।
बैठक में राहत वितरण, अस्थायी आवास, चिकित्सा सहायता, भोजन सामग्री और वित्तीय मदद जैसी विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सीमा पार शेलिंग के कारण कई गाँवों में घर, बुनियादी सुविधाएँ और कृषि क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। डीसी ने कहा कि प्रशासन सभी प्रभावितों की प्राथमिकता के आधार पर सहायता सुनिश्चित करेगा और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस मौके पर डीसी ने जोर देकर कहा कि पीड़ितों के पुनर्वास और राहत कार्यों में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय नेताओं और ग्राम प्रतिनिधियों के सहयोग से राहत वितरण और निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को किसानों के लिए कृषि पुनर्वास योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के अवसरों तक पहुँच सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में अधिकारियों ने राहत कार्यों की स्थिति, बजट और संसाधनों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। डीसी ने कहा कि हर मामले में समयबद्ध कार्रवाई और नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी अधिकारी द्वारा लापरवाही बरती गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में डीसी ने प्रभावितों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने और राहत कार्यों के फॉलो-अप निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पीड़ितों की समस्याओं और जरूरतों को समय पर सुनना और उनका समाधान करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
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