जम्मू और कश्मीर

CUJ पहल, छात्रों के लिए तनाव प्रबंधन सत्र

Ratna Netam
18 April 2026 4:33 PM IST
CUJ पहल, छात्रों के लिए तनाव प्रबंधन सत्र
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Jammu.जम्मू: जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूजे) में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और जीवन कौशल को मजबूत बनाने के उद्देश्य से “तनाव प्रबंधन” विषय पर एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया और तनाव से निपटने के विभिन्न तरीकों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को शैक्षणिक दबाव, व्यक्तिगत चुनौतियों और आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न तनाव को बेहतर तरीके से समझने और उससे निपटने के उपायों से अवगत कराना था।
विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में कहा कि तनाव आज के समय में एक सामान्य लेकिन गंभीर समस्या बन चुकी है, जो यदि समय पर नियंत्रित न की जाए तो यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने छात्रों को ध्यान, योग और समय प्रबंधन जैसी तकनीकों को अपनाने की सलाह दी।
Central University of Jammu के शिक्षकों ने भी छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ मन ही बेहतर प्रदर्शन की कुंजी है।
कार्यक्रम के दौरान इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों से सवाल पूछे। कई छात्रों ने परीक्षा के दबाव और भविष्य की अनिश्चितताओं को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं, जिनका समाधान विशेषज्ञों ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया और प्रतिस्पर्धा भी तनाव का एक बड़ा कारण बन रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि छात्र अपनी प्राथमिकताओं को समझें और संतुलित जीवनशैली अपनाएं।
Central University of Jammu प्रशासन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों के समग्र विकास के लिए आवश्यक हैं और भविष्य में भी ऐसे सत्र नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में यह भी सुझाव दिया गया कि विश्वविद्यालय में काउंसलिंग सेवाओं को और मजबूत किया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर छात्रों को तुरंत सहायता मिल सके।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव प्रबंधन केवल एक शैक्षणिक विषय नहीं, बल्कि जीवन कौशल है, जिसे हर छात्र को सीखना चाहिए।
फिलहाल, सीयूजे में आयोजित यह संवाद कार्यक्रम छात्रों के बीच काफी उपयोगी साबित हुआ और उन्होंने इसे ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया। यह पहल मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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