जम्मू और कश्मीर

कुलगाम में सीआरपीएफ जवानों ने उत्साहपूर्वक मनाई लोहड़ी

SHIDDHANT
13 Jan 2026 10:54 PM IST
कुलगाम में सीआरपीएफ जवानों ने उत्साहपूर्वक मनाई लोहड़ी
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Kashmir कश्मीर। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में सीआरपीएफ के जवानों ने लोहड़ी का त्योहार बड़ी धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया। सर्दियों के इस प्रमुख त्यौहार पर जवानों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों, गीतों और नृत्यों के माध्यम से अपने आपसी भाईचारे और संस्कृति का जश्न मनाया। जवानों ने आग के चारों ओर इकट्ठा होकर तिल, मूंगफली और गुड़ से बने लोहड़ी के व्यंजन तैयार किए और पारंपरिक अंदाज में एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर जवानों ने भंगड़ा और लोकगीत गाकर माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया।
CRPF अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम जवानों के मनोबल को बढ़ाने और आपसी तालमेल मजबूत करने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि सर्दियों के इस पर्व पर जवानों को अपने परिवार की याद आती है, लेकिन इस प्रकार के आयोजनों से जवान अपने साथियों के साथ त्योहार का आनंद उठा पाते हैं। जवानों ने साझा किया कि लोहड़ी के अवसर पर आग के चारों ओर इकट्ठा होकर गुड और तिल का भजन करना और लोकगीत गाना उनके लिए तनावमुक्ति का एक तरीका भी है। इसके अलावा, जवानों ने स्थानीय भोजन और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया, जिससे दक्षिण कश्मीर की सांस्कृतिक विविधता का अनुभव भी हुआ।
इस अवसर पर जवानों ने सोशल मीडिया पर भी लोहड़ी के उत्सव की तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिससे उनकी खुशियों और उत्साह का संदेश पूरे देश में फैल सके। CRPF कमांडरों ने जवानों को आश्वस्त किया कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि जवानों में सामूहिक भावना और सांस्कृतिक जागरूकता बनी रहे। विशेष रूप से, इस लोहड़ी उत्सव ने जवानों के बीच सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी फैलाया। जवानों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर पारंपरिक खेलों और गतिविधियों का भी आयोजन किया, जिससे पूरे कैम्प का वातावरण उत्सवपूर्ण बन गया।
स्थानीय लोग और अधिकारियों ने भी जवानों के उत्सव में भाग लिया और जवानों की भागीदारी की सराहना की। इस कार्यक्रम ने यह साबित किया कि सीआरपीएफ सिर्फ सुरक्षा बल नहीं है, बल्कि ये जवान सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। कुलगाम में मनाई गई यह लोहड़ी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि जवानों के मानसिक स्वास्थ्य, टीम भावना और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने का एक जरिया भी है। जवानों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से सर्दियों की ठंड और कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
इस प्रकार, कुलगाम के CRPF कैंप में मनाई गई लोहड़ी ने जवानों के बीच एकता, संस्कृति और उत्साह का रंग बिखेर दिया। यह उत्सव न केवल जवानों के मनोबल को बढ़ाने में सहायक रहा, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का भी एक सफल प्रयास साबित हुआ।
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