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कठुआ: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में पुलिस विभाग ने नशे के खिलाफ अपनी सख्त नीति को दोहराते हुए बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कठुआ मोहिता शर्मा ने विभाग के एक सिपाही को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। संबंधित पुलिसकर्मी पर नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त होने का आरोप था और जांच में दोषी पाए जाने के बाद विभाग ने यह कदम उठाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है। पुलिस विभाग का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह आम नागरिक हो या विभाग का कोई कर्मचारी। पुलिस की छवि और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, बर्खास्त किया गया सिपाही नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामले में संलिप्त पाया गया था। विभागीय जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह निर्णय लिया गया। एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में रहते हुए किसी भी कर्मचारी द्वारा गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होना गंभीर अनुशासनहीनता है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कठुआ पुलिस लंबे समय से जिले में नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी रोकना एक बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी रख रही हैं और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा युवाओं और समाज के लिए गंभीर खतरा है। नशीले पदार्थों के सेवन से स्वास्थ्य, सामाजिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसी को देखते हुए कठुआ पुलिस ने नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया हुआ है, जिसके तहत संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
एसएसपी मोहिता शर्मा ने विभागीय कर्मचारियों को भी स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिस सेवा में रहते हुए किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में शामिल होना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम कानून की रक्षा करना है और यदि कोई पुलिसकर्मी ही कानून तोड़ने वाली गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सामान्य नागरिकों की तरह नहीं बल्कि विभागीय नियमों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे विभाग के भीतर भी स्पष्ट संदेश जाएगा कि भ्रष्टाचार, अपराध और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
कठुआ पुलिस द्वारा समय-समय पर नशा विरोधी अभियान चलाए जाते रहे हैं। इन अभियानों के तहत नशीले पदार्थों की बरामदगी, तस्करों की गिरफ्तारी और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। पुलिस का उद्देश्य जिले में नशे के नेटवर्क को कमजोर करना और युवाओं को इस खतरे से बचाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों की भागीदारी भी जरूरी है। पुलिस, प्रशासन, शिक्षण संस्थानों और परिवारों के संयुक्त प्रयासों से ही नशे के बढ़ते प्रभाव को कम किया जा सकता है।
पुलिस विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है तो वे तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि जनता के सहयोग से ही नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
कठुआ पुलिस की इस कार्रवाई के बाद विभाग ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिसकर्मियों द्वारा नियमों के उल्लंघन या अपराधियों से किसी भी प्रकार के संबंध पाए जाने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।
एसएसपी मोहिता शर्मा द्वारा की गई यह कार्रवाई न केवल संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम है, बल्कि पूरे विभाग के लिए एक संदेश भी है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था के भीतर किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को सहन नहीं किया जाएगा। कठुआ पुलिस का कहना है कि नशा मुक्त समाज बनाने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेंगे।





