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बांडीपोरा में MLA के साथ कथित दुर्व्यवहार पर कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति, जांच की मांग

Jammu जम्मू : जम्मू-कश्मीर के बांडीपोरा में कांग्रेस विधायक के साथ कथित रूप से हुए दुर्व्यवहार के मामले ने राजनीतिक हलकों में तनाव पैदा कर दिया है। इस घटना पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक हमीद करा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे मामले की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है।
तारिक हमीद करा ने कहा कि बांडीपोरा में कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट्ट के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना उस समय हुई जब राजनीतिक कार्यक्रम या गतिविधि के दौरान कुछ लोगों द्वारा माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की गई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस मामले को गंभीर बताते हुए सीधे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जो भी लोग दोषी पाए जाएं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। करा ने कहा कि यदि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इससे राजनीतिक माहौल और अधिक खराब हो सकता है और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गलत प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस घटना में नेशनल कॉन्फ्रेंस के कुछ कार्यकर्ताओं की भूमिका बताई जा रही है। कांग्रेस के अनुसार, जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनमें सोनावारी विधायक हिलाल अकबर लोन के छोटे भाई जलाल अकबर लोन के नेतृत्व में कुछ कार्यकर्ता शामिल थे। हालांकि इस संबंध में अभी तक प्रशासन या संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
कांग्रेस ने कहा है कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद और विचारों का टकराव स्वाभाविक है, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि के साथ दुर्व्यवहार करना या उसे अपमानित करना पूरी तरह से गलत है। पार्टी का कहना है कि जनप्रतिनिधि जनता की आवाज होते हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक प्रणाली को कमजोर करता है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने जहां सख्त कार्रवाई की मांग की है, वहीं प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह पूरे मामले की जांच कर तथ्यों को सामने लाए। स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और लोग कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठा रहे हैं।
पार्टी नेताओं का कहना है कि अगर किसी भी राजनीतिक दल या उसके कार्यकर्ताओं की भूमिका इस तरह की घटना में पाई जाती है, तो उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए। कांग्रेस ने साफ किया है कि वह इस मुद्दे को आगे भी उठाएगी और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच की प्रक्रिया को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक दबाव और मांगों के चलते इस मामले पर जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।





