जम्मू और कश्मीर

JUET-2026 में प्रश्नपत्र की शिकायत, NSUI ने प्रशासन से जांच की मांग की

Ratna Netam
8 May 2026 6:18 PM IST
JUET-2026 में प्रश्नपत्र की शिकायत, NSUI ने प्रशासन से जांच की मांग की
x
Jammu.जम्मू: राष्ट्रीय छात्र संगठन NSUI ने हाल ही में JUET-2026 परीक्षा को रद्द करने की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया कि परीक्षा में प्रश्नपत्र में गड़बड़ी हुई और इस कारण परीक्षा निष्पक्ष और सही ढंग से आयोजित नहीं की जा सकती।
NSUI के स्थानीय प्रतिनिधियों ने कहा कि JUET-2026 परीक्षा में कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनसे छात्रों का विश्वास परीक्षा प्रणाली पर कम हो गया है। संगठन ने प्रशासन और विश्वविद्यालय से तुरंत कदम उठाने और परीक्षा रद्द करने की अपील की है।
NSUI के नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा में कुछ प्रश्न ऐसे थे जिनमें गलत जानकारी या अस्पष्टता थी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ विषयों पर अपेक्षित पाठ्यक्रम के अनुरूप प्रश्न नहीं थे, जिससे छात्र असमंजस की स्थिति में रहे। संगठन का कहना है कि इस तरह की स्थिति में परीक्षा परिणाम पर छात्रों का विश्वास नहीं रह सकता।
इस अवसर पर NSUI ने कहा कि JUET-2026 में छात्रों की मेहनत और भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करनी चाहिए। संगठन ने स्पष्ट किया कि अगर प्रशासन समय पर उचित कदम नहीं उठाता है, तो छात्र आंदोलन और कानूनी उपायों का सहारा लेने के लिए बाध्य हो सकते हैं।
NSUI ने राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह किया कि विशेष जाँच समिति का गठन किया जाए, जो परीक्षा में हुई अनियमितताओं की पूरी जांच करे। संगठन ने यह भी कहा कि परीक्षा को रद्द करना और पुनः आयोजित करना ही छात्रों के हित में उचित कदम होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि JUET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से छात्रों का मनोबल गिरता है और उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है। NSUI की मांग इस दिशा में छात्रों के हितों को सुरक्षित रखने का प्रयास है।
NSUI के नेताओं ने मीडिया से कहा कि छात्रों का अधिकार है कि उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो और उन्हें बिना किसी अनियमितता के न्याय मिले। उन्होंने कहा कि JUET-2026 में हुई कथित गड़बड़ी छात्रों के भविष्य के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है।
स्थानीय विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार प्रशासन द्वारा मामले की जांच के लिए आंतरिक समिति गठित करने की संभावना है। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि परीक्षा रद्द की जाए या नहीं।
NSUI ने अपने बयान में यह भी कहा कि छात्रों को परेशान करने वाली परिस्थितियों को अनदेखा नहीं किया जाएगा और संगठन छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज उठाता रहेगा। संगठन का मानना है कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है।
Next Story