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CM Omar Abdullah ने Pahalgam हमले पर कहा, "ऐसी घटनाएं फिर न हों"

Srinagar CM उमर अब्दुल्ला का बयान: पहलगाम हमले पर कहा, "ऐसी घटनाएं फिर न हों"
पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी के अवसर पर जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि जैसे पहलगाम हमले ने राज्य को गहरे आघात पहुँचाया था, वैसे ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोहराने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन और सुरक्षा बलों का मुख्य उद्देश्य यह होना चाहिए कि आतंकवादियों द्वारा की जाने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा को कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाए।
**सीएम का संदेश**
उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि पहलगाम हमला राज्य के लिए एक दर्दनाक घटना थी, जिसने न केवल सुरक्षा बलों को बल्कि स्थानीय लोगों को भी गहरे मानसिक आघात पहुँचाया। उन्होंने कहा, "हमें यह पक्का करना होगा कि ऐसी घटनाएं फिर न हों।" मुख्यमंत्री ने स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका को भी सराहा और कहा कि वे राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
**आतंकी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कदम**
उमर अब्दुल्ला ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा बल मिलकर राज्य में आतंकवाद को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए कड़ी कार्रवाई करेंगे। उनके अनुसार, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सैन्य और पुलिस बलों के द्वारा नहीं, बल्कि पूरे समाज को एकजुट होकर लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का मुकाबला सिर्फ सख्त कानून और नियमों से नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों की सहयोग से भी किया जा सकता है। इसके लिए राज्य सरकार ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर कई रणनीतियाँ बनाई हैं, जिनमें आतंकवादियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी, खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान और स्थानीय समुदायों को आतंकवाद के प्रति जागरूक करना शामिल है।
**लोकल समुदायों के प्रति संवेदनशीलता**
उमर अब्दुल्ला ने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य सरकार ने स्थानीय समुदायों को सुरक्षा और आतंकवाद से बचाने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। उनका मानना था कि यदि स्थानीय लोग सुरक्षा बलों के साथ मिलकर काम करेंगे, तो आतंकवाद पर काबू पाया जा सकता है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों को स्थानीय लोगों के प्रति अधिक संवेदनशील होना होगा ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी और संघर्ष से बचा जा सके।
**सैन्य बलों की भूमिका**
उमर अब्दुल्ला ने जम्मू और कश्मीर में तैनात सेना और केंद्रीय बलों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में इन बलों का योगदान अत्यंत अहम है। उन्होंने पहलगाम हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी, और सरकार उनकी वीरता को हमेशा याद रखेगी।
**निष्कर्ष**
उमर अब्दुल्ला का यह बयान राज्य में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट करता है। उनका यह संदेश केवल राजनीतिक नहीं बल्कि समाजिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह स्थानीय समुदायों और सुरक्षा बलों के बीच समन्वय और सहयोग को बढ़ावा देता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की सरकार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को एक राष्ट्रीय मुद्दे के रूप में देखती है, जिसमें सभी को मिलकर काम करना होगा।





