जम्मू और कश्मीर

Kishtwar में बादल फटने से भीषण तबाही, सर्च और रेस्क्यू जारी

Tara Tandi
17 Aug 2025 1:42 PM IST
Kishtwar में बादल फटने से भीषण तबाही, सर्च और रेस्क्यू जारी
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Kishtwar किश्तवार : 14 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले के चिशोती गाँव में बादल फटने से भारी तबाही मची है। बता दें कि इस आपदा में अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से ज़्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। रविवार को लगातार चौथे दिन भी तलाशी और बचाव अभियान जारी रहा। बता दें कि भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन किश्तवाड़ जिले के बाढ़ प्रभावित चसोती गांव में खोज और बचाव अभियान में लगे हुए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने राहत कार्यों की समीक्षा की
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार देर रात जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात के साथ प्रभावित गाँव का दौरा किया। उन्होंने पुलिस, सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), नागरिक प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों द्वारा चलाए जा रहे बचाव और राहत कार्यों की समीक्षा की।
46 शवों की पहचान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि अब तक 46 शवों की पहचान हो चुकी है और कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। इसके साथ ही, 75 लोग लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सैकड़ों लोग अचानक आई बाढ़ में बह गए होंगे और कई लोग बड़ी चट्टानों, लकड़ियों और मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। मृतकों में दो सीआईएसएफ कर्मी और स्थानीय पुलिस का एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) शामिल है।
14 अगस्त को आई आपदा
यह आपदा 14 अगस्त को दोपहर लगभग 12:25 बजे चिसौटी में आई, जो मछियाल माता मंदिर के रास्ते में आखिरी गाँव है। इसने एक अस्थायी बाज़ार, श्रद्धालुओं के लिए एक लंगर (सामुदायिक रसोई) और एक सुरक्षा चौकी को नष्ट कर दिया। अचानक आई बाढ़ ने कम से कम 16 आवासीय घरों और सरकारी इमारतों, तीन मंदिरों, चार पनचक्कियों, एक 30 मीटर लंबे पुल और एक दर्जन से ज़्यादा वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
स्थिति गंभीर, राहत कार्य जारी
प्रशासन ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्र में बचाव कार्य जारी है। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें ऊँचाई पर स्थित दुर्गम इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। स्थानीय स्वयंसेवक भी मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान में लगे हुए हैं।
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