जम्मू और कश्मीर

J&K में कानूनी सेवा सुलभ बनाने के लिए CJ ने नई गाड़ियों को रवाना किया

Ratna Netam
24 April 2026 5:14 PM IST
J&K में कानूनी सेवा सुलभ बनाने के लिए CJ ने नई गाड़ियों को रवाना किया
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Jammu.जम्मू: जम्मू और कश्मीर में कानूनी सहायता और न्याय की पहुंच को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से चीफ जस्टिस (CJ) ने मल्टी यूटिलिटी गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल न्यायिक व्यवस्था को जनता के करीब लाने और विशेष रूप से दूरदराज़ इलाकों में कानूनी सेवाओं को पहुँचाने के लिए की गई है।
CJ ने कहा कि यह कदम न्याय व्यवस्था में सुधार और कानूनी सहायता को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने बताया कि इन गाड़ियों का उपयोग ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में जाकर लोगों को मुफ्त कानूनी सलाह और दस्तावेज़ीकरण सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा।
मल्टी यूटिलिटी गाड़ियों में मोबाइल कोर्ट और कानूनी सहायता केंद्र की सुविधा मौजूद होगी। इससे नागरिकों को अदालत तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें अपने गांव या मोहल्ले में ही कानूनी मदद मिल सकेगी। CJ ने यह भी कहा कि इससे न्याय प्रणाली में विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर CJ ने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि हर नागरिक तक कानूनी सहायता की पहुँच सुनिश्चित हो। न्याय केवल अदालत तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यह पहल लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने का अवसर भी प्रदान करेगी।”
J&K के वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी और कानूनी विशेषज्ञ भी इस अवसर पर उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि इन गाड़ियों के माध्यम से न केवल कानूनी सलाह दी जाएगी, बल्कि स्थानीय लोगों को कानूनी प्रक्रियाओं और दस्तावेजों के बारे में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे न्याय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ेगी और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा।
स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया। एक ग्रामीण ने कहा, “अब हमें न्याय पाने के लिए शहर तक लंबा सफर नहीं करना पड़ेगा। यह गाड़ियाँ हमारे लिए राहत और सुविधा का प्रतीक हैं।”
CJ ने प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों से अपील की कि वे इन मल्टी यूटिलिटी गाड़ियों के संचालन और प्रबंधन में पूरी सक्रियता दिखाएँ। उन्होंने कहा कि यह पहल दूरदराज़ के लोगों के जीवन में सीधे तौर पर सकारात्मक बदलाव लाएगी और न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से न्याय प्रणाली का लोकतांत्रिकरण और सुलभता बढ़ती है। ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में कानूनी जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना इस योजना की प्रमुख उपलब्धि होगी।
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