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Jammu जम्मू: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में तैनात बीएसएफ महिला जवान विनीता कुशवाहा का निधन हो गया। रविवार को उनका पार्थिव शरीर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के मदनापुर क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव धिंयरई बरुआ लाया गया। यहां पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। बीएसएफ जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया, जिसके बाद परिवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
विनीता कुशवाहा वर्ष 2015 में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुई थीं। वह वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में तैनात थीं। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को राजौरी में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
रविवार दोपहर बाद जब विनीता का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा तो बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार अंतिम दर्शन के लिए जुट गए। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के लोगों ने नम आंखों से अपनी बेटी को अंतिम विदाई दी।
विनीता कुशवाहा अपने पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं। उनके पिता ओमप्रकाश कुशवाहा ने बताया कि बेटी ने मेहनत और लगन के बल पर बीएसएफ में भर्ती होकर परिवार और गांव का नाम रोशन किया था। वह अपने कर्तव्य के प्रति हमेशा समर्पित रहती थीं।
वर्ष 2018 में विनीता ने पीलीभीत जिले के बिलसंडा निवासी अजीत कुमार से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद भी उन्होंने अपनी नौकरी और जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाया। उनके परिवार में पति अजीत कुमार के अलावा छह वर्षीय बेटी अंशिका और चार वर्षीय बेटा आयांश हैं।
विनीता के दोनों बच्चे भी उनके साथ राजौरी में रहते थे। उनके पति अजीत कुमार भी समय-समय पर राजौरी जाकर परिवार के साथ समय बिताते थे। करीब एक महीने पहले विनीता के भतीजे आर्यन भी उनके पास गए थे और तब से वह वहीं रह रहे थे।
परिजनों के मुताबिक, विनीता का स्वभाव काफी मिलनसार था और वह परिवार के सभी सदस्यों के साथ जुड़ी रहती थीं। नौकरी के दौरान भी वह परिवार से लगातार संपर्क में रहती थीं। उनकी अचानक मौत से परिवार को गहरा सदमा लगा है।
ग्रामीणों ने बताया कि विनीता ने कठिन परिस्थितियों में बीएसएफ की नौकरी हासिल की थी। देश की सेवा के लिए उन्होंने अपने जीवन के कई साल समर्पित किए। गांव के लोगों ने कहा कि विनीता की उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र को गर्व था।
अंतिम संस्कार के दौरान बीएसएफ के जवानों और अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई देते समय माहौल बेहद भावुक हो गया। परिवार के सदस्यों ने भारी मन से विनीता को विदा किया।
विनीता के निधन की सूचना मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश सेवा में योगदान देने वाली विनीता कुशवाहा का बलिदान और समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।
बीएसएफ में सेवा देने वाली विनीता ने अपने कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि गांव और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। एक बेटी, मां और देश की प्रहरी के रूप में विनीता की यादें हमेशा लोगों के दिलों में रहेंगी।





