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जम्मू और कश्मीर
फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान वाले बयान पर BJP का पलटवार
Ratna Netam
24 Oct 2026 7:23 PM IST

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की भूमिका और कश्मीरियों की सुरक्षा को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के बयान पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने शनिवार को उनके बयान की कड़ी आलोचना की और उनसे देश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। भाजपा नेताओं का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और स्थिरता भारत की सुरक्षा एजेंसियों, सुरक्षाबलों और सरकार के प्रयासों से बनी है। उन्होंने फारूक अब्दुल्ला के बयान को पाकिस्तान के पक्ष में दिया गया बयान बताया।
फारूक अब्दुल्ला ने क्या कहा था?
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को उत्तर कश्मीर के बारामूला में पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने का जिक्र किया।उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीरियों से जुड़े मुद्दे उठाता रहा है और इसी वजह से कश्मीर के लोगों की सुरक्षा बनी हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए और कहा कि दिल्ली से न्याय की उम्मीद करने से पहले लोगों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए।उनके इस बयान के सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। विवाद का मुख्य मुद्दा पाकिस्तान की भूमिका को कश्मीरियों की सुरक्षा से जोड़ने और भारत सरकार के इरादों पर सवाल उठाने को लेकर है।
सत शर्मा ने सार्वजनिक माफी की मांग की
जम्मू-कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष सत शर्मा ने फारूक अब्दुल्ला के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें देश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।शर्मा ने कहा कि भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के कारण ही फारूक अब्दुल्ला इस तरह के बयान दे पा रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान में ऐसी टिप्पणी करने की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां उन्हें वैसी स्वतंत्रता शायद नहीं मिलती।भाजपा नेता ने यह भी कहा कि यदि फारूक अब्दुल्ला पाकिस्तान की भूमिका को इस तरह देखते हैं, तो उन्हें वहां जाकर रहने के बारे में सोचना चाहिए। शर्मा के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के लोग भारत में सुरक्षित हैं और इस सुरक्षा को सुनिश्चित करने में भारतीय सुरक्षाबलों तथा सरकार की अहम भूमिका है।
भाजपा नेताओं ने अनुच्छेद 370 का किया जिक्र
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने भी फारूक अब्दुल्ला के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर भारत के साथ पूरी तरह एकीकृत हुआ है और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों तथा पर्यटन में सुधार देखने को मिला हैसिंह ने कश्मीर में पर्यटकों की बड़ी संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र की प्रगति और स्थिरता को पाकिस्तान के प्रयासों से जोड़ना उचित नहीं है।वहीं, भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की सदस्य यामिनी शर्मा ने आरोप लगाया कि फारूक अब्दुल्ला का बयान पाकिस्तान के नैरेटिव को आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद के कारण जम्मू-कश्मीर में हजारों लोगों की जान गई है और इस इतिहास को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
VHP ने भी जताई कड़ी आपत्ति
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता विनोद बंसल ने भी फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और क्षेत्र की सुरक्षा भारत की ताकत तथा सुरक्षा व्यवस्था के कारण सुनिश्चित होती है।भाजपा विधायक युद्धवीर सेठी ने बयान को देश के हितों के खिलाफ बताते हुए फारूक अब्दुल्ला से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान परस्त माने जाने वाले बयानों के बजाय नेताओं को आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
कश्मीर की सुरक्षा और राजनीतिक बयानबाजी फिर चर्चा में
फारूक अब्दुल्ला के बयान के बाद जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा, पाकिस्तान की भूमिका और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भाजपा ने जहां पाकिस्तान का उल्लेख कर कश्मीरियों की सुरक्षा को लेकर अब्दुल्ला के दावे का विरोध किया है, वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष ने बारामूला में अपने संबोधन के दौरान केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे।फिलहाल इस बयान को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से सार्वजनिक माफी की मांग की गई है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने ला दिए हैं।
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