जम्मू और कश्मीर

राजौरी में भारतीय सेना की बड़ी पहल तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

Ratna Netam
19 Oct 2026 8:58 PM IST
राजौरी में भारतीय सेना की बड़ी पहल  तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
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राजौरी। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भारतीय सेना ने नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के कर्मियों को आपातकालीन परिस्थितियों तथा उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया। भारतीय सेना की उत्तरी कमान के अंतर्गत व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने नागरिक सुरक्षा संगठन और जम्मू-कश्मीर एसडीआरएफ के सहयोग से इस शिविर का आयोजन किया।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 से 19 अक्टूबर 2026 तक राजौरी के सरोल स्थित कॉर्प्स बैटल स्कूल में आयोजित किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य नागरिक सुरक्षा से जुड़े स्वयंसेवकों की कार्यक्षमता बढ़ाना और उन्हें संकट के समय प्रभावी ढंग से काम करने के लिए तैयार करना था।
सशक्त नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र' थीम पर आयोजन
भारतीय सेना ने इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 'सशक्त नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र' की थीम के तहत किया। कार्यक्रम को 'ट्रेन विद योर आर्मी' यानी 'अपनी सेना के साथ प्रशिक्षण' नाम दिया गया।इस पहल का उद्देश्य सेना और नागरिक सुरक्षा संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। साथ ही स्वयंसेवकों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना है, जिनमें तत्काल सहायता और बचाव कार्यों की आवश्यकता पड़ती है।प्रशिक्षण कार्यक्रम नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत, आधुनिक और प्रभावी बनाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
तीन दिनों तक दिया गया विशेष प्रशिक्षण
राजौरी के सरोल स्थित कॉर्प्स बैटल स्कूल में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारियों और नागरिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।शिविर का प्रमुख उद्देश्य स्वयंसेवकों और आपदा प्रतिक्रिया कर्मियों की व्यावहारिक क्षमताओं को मजबूत करना था, ताकि किसी आपात स्थिति में वे संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम कर सकें।ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सामान्यतः प्राथमिक उपचार, बचाव कार्य, आपातकालीन संचार, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्यों के प्रबंधन जैसे विषयों को महत्व दिया जाता है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के आधिकारिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में भी इन विषयों को प्रमुख स्थान दिया गया है।
सेना और SDRF के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता भारतीय सेना, नागरिक सुरक्षा संगठन और जम्मू-कश्मीर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की संयुक्त भागीदारी रही।आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहद जरूरी होता है। किसी प्राकृतिक आपदा या बड़ी दुर्घटना के दौरान सेना, पुलिस, स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों को संयुक्त रूप से राहत कार्य करना पड़ सकता है।इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण के माध्यम से नागरिक सुरक्षा कर्मियों की तैयारियों को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा का विशेष महत्व
जम्मू-कश्मीर का राजौरी जिला सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।ऐसे क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की भूमिका केवल प्राकृतिक आपदाओं तक सीमित नहीं रहती। आपात स्थितियों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने और प्रशासन को सहयोग देने की भी आवश्यकता पड़ सकती है।नागरिक सुरक्षा का उद्देश्य आपात परिस्थितियों में लोगों के जीवन और संपत्ति की रक्षा करना तथा आवश्यक सेवाओं को बहाल करने में सहायता देना है। गृह मंत्रालय के अनुसार, नागरिक सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका में प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से निपटना भी शामिल है।
स्वयंसेवकों की क्षमता बढ़ाना मुख्य उद्देश्य
भारतीय सेना की इस पहल के जरिए स्वयंसेवकों को आपदा के समय अपनी जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से निभाने के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया।प्रशिक्षित स्वयंसेवक किसी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक प्रारंभिक सहायता पहुंचाने और बचाव एजेंसियों को सहयोग देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।इसके अलावा इस प्रकार के कार्यक्रम नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक स्तर पर आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने में सहायक हो सकते हैं।
नागरिक सुरक्षा नेटवर्क को मजबूत करने की पहल
सरकार नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रतिक्रिया से जुड़े संगठनों के प्रशिक्षण तथा आधुनिकीकरण पर लगातार जोर दे रही है।राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ने वर्ष 2026 के लिए एसडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा, होमगार्ड और अग्निशमन सेवाओं सहित विभिन्न संगठनों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किए हैं।राजौरी में आयोजित तीन दिवसीय शिविर इसी व्यापक उद्देश्य के अनुरूप एक महत्वपूर्ण पहल है।
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में मिलेगी मदद
भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों और आपदा प्रतिक्रिया कर्मियों की तैयारियों को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना और नागरिक सुरक्षा एजेंसियों को संभावित खतरों से निपटने के लिए अधिक सक्षम बनाना था।राजौरी में 17 से 19 अक्टूबर तक आयोजित यह शिविर सेना और नागरिक संगठनों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा आपदा प्रबंधन में सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
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