जम्मू और कश्मीर

बडगाम में भालू का हमला, वन्यजीव विभाग से मदद की अपील

Saba Naaz
26 July 2026 2:29 PM IST
बडगाम में भालू का हमला, वन्यजीव विभाग से मदद की अपील
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जम्मू-कश्मीर: मध्य कश्मीर स्थित बडगाम जिले में जंगली भालू के हमले की घटना सामने आई है। जिले के चाडूरा इलाके में एक व्यक्ति पर भालू ने हमला कर दिया, जिसमें वह घायल हो गया। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में डर का माहौल है और उन्होंने वन्यजीव विभाग से जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही पर नियंत्रण लगाने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार देर शाम चाडूरा क्षेत्र के ब्रेनवार के जिलसिदारा इलाके में हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक व्यक्ति नमाज पढ़कर अपने घर लौट रहा था, तभी अचानक रास्ते में उसका सामना एक भालू से हो गया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, भालू ने उस पर हमला कर दिया।

भालू के हमले के बाद व्यक्ति ने मदद के लिए आवाज लगाई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे बचाने की कोशिश की और काफी मशक्कत के बाद भालू को वहां से भगाया गया। हमले में व्यक्ति घायल हो गया। हालांकि, उसकी चोटों की गंभीरता और वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में तत्काल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आ सकी है।

घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। खासकर शाम और रात के समय लोगों को घरों से बाहर निकलने में डर महसूस हो रहा है।

स्थानीय लोगों ने वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण विभाग से इस मामले में तत्काल कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों से निकलकर जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों तक पहुंच रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाएं।

लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि जिन इलाकों में जंगली जानवरों के आने की संभावना रहती है, वहां विशेष टीमें तैनात की जाएं। इसके अलावा ग्रामीणों को भी वन्यजीवों से बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक करने की जरूरत बताई गई है।

कश्मीर के कई पहाड़ी और वन क्षेत्रों में समय-समय पर जंगली जानवरों के आबादी वाले इलाकों में पहुंचने की घटनाएं सामने आती रही हैं। जंगलों में भोजन और रहने की जगह की कमी समेत कई कारणों से वन्यजीव अक्सर गांवों और कस्बों की ओर आ जाते हैं। इससे इंसानों और जानवरों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा हो जाती है।

वन विभाग आमतौर पर ऐसे मामलों में गश्त बढ़ाने, जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम करता है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि केवल घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से सतर्कता बरतने की जरूरत है।

इस घटना के बाद चाडूरा क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि इलाके में नियमित निगरानी की जाए और लोगों को जंगली जानवरों के खतरे से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

फिलहाल वन विभाग की ओर से घटना को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। पुलिस और प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय लोगों की सुरक्षा और जंगली जानवरों की आवाजाही को नियंत्रित करना अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

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