जम्मू और कश्मीर

मुठभेड़ वाली जगह से दवाइयों और खाने का बैग बरामद

Ratna Netam
4 Oct 2026 8:54 PM IST
मुठभेड़ वाली जगह से दवाइयों और खाने का बैग बरामद
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बडगाम। जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक महत्वपूर्ण बरामदगी की है। पुलिस ने दूधपथरी के पलमैदान इलाके से दवाइयों और खाने-पीने की चीजों से भरा एक बैग बरामद किया है। यह वही इलाका है, जहां 29 सितंबर को सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर हाशिम मूसा मारा गया था। पुलिस को संदेह है कि बरामद सामान मूसा के इस्तेमाल के लिए रखा गया था।
अधिकारियों ने रविवार को इस बरामदगी की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, बैग मिलने के बाद इसे जांच का हिस्सा बनाया गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दवाइयां और खाद्य सामग्री वहां तक कैसे पहुंचीं और इन्हें किसने पहुंचाया था। इसके साथ ही इलाके में हाशिम मूसा की मौजूदगी और उसे कथित रूप से मिलने वाली मदद की पूरी कड़ी को समझने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस के बयान के अनुसार, शुरुआती तौर पर आशंका है कि बैग में मौजूद सामान मारे गए आतंकवादी के इस्तेमाल के लिए था। हालांकि जांच पूरी होने से पहले पुलिस किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंच रही है। बरामद सामान की उत्पत्ति और उसे पलमैदान इलाके में रखे जाने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
पुलिस की जांच का एक प्रमुख हिस्सा संभावित लॉजिस्टिकल सपोर्ट नेटवर्क का पता लगाना है। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि हाशिम मूसा इलाके में कब से मौजूद था और इस दौरान उसे भोजन, दवाइयां या अन्य जरूरी सामान पहुंचाने में किसी व्यक्ति या नेटवर्क ने मदद की थी या नहीं।
इस मामले में ओवरग्राउंड वर्करों की संभावित भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या स्थानीय स्तर पर किसी व्यक्ति ने जानबूझकर मदद उपलब्ध कराई थी। इसके अलावा किसी साजिश में शामिल व्यक्ति या दूसरे सहयोगियों की संभावित भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है।
पुलिस के सामने फिलहाल कई सवाल हैं। बरामद बैग किसका था, उसमें मौजूद सामान कहां से खरीदा गया, उसे पलमैदान तक कौन लेकर पहुंचा और वह कितने समय से वहां रखा था, इन सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियों के लिए सामान के स्रोत का पता लगाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी मिल सकती है।
दूधपथरी और आसपास का क्षेत्र पहाड़ी तथा वन क्षेत्र वाला है। ऐसे इलाकों में किसी संदिग्ध गतिविधि की जांच के दौरान सुरक्षा बलों के लिए जमीन पर मौजूद छोटे-छोटे सुराग भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। दवाइयों और खाद्य सामग्री की बरामदगी को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है।
29 सितंबर को इसी क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, इस मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर हाशिम मूसा मारा गया था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र और आसपास के इलाकों में उससे जुड़े संभावित संपर्कों और मददगारों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
नई बरामदगी के बाद जांच का दायरा लॉजिस्टिकल सपोर्ट तक पहुंच गया है। पुलिस यह समझना चाहती है कि मूसा को इलाके में रहते हुए जरूरी सामान किस तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा था। अगर इसमें किसी नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उससे जुड़े लोगों की पहचान जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि बैग में मिली सामग्री सामान्य इस्तेमाल की थी या ऐसी कोई वस्तु भी मौजूद है जिससे उसके उपयोगकर्ता या सामान उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी मिल सके। पुलिस ने फिलहाल बरामद सामान से जुड़े सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं।
मामले में किसी व्यक्ति की भूमिका केवल संदेह या जांच के आधार पर तय नहीं की जा सकती। पुलिस की जांच पूरी होने और सबूत सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद सामान वास्तव में किसने रखा था और क्या किसी व्यक्ति ने जानबूझकर आतंकवादी को सहायता उपलब्ध कराई थी।
पुलिस संभावित ओवरग्राउंड वर्करों और सहयोगियों के नेटवर्क को लेकर भी सतर्कता से जांच आगे बढ़ा रही है। ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियां आम तौर पर अलग-अलग कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने का प्रयास करती हैं कि किसी आतंकवादी को स्थानीय स्तर पर किस तरह की मदद मिल रही थी।
अधिकारियों के मुताबिक, बरामदगी को हाशिम मूसा की पलमैदान इलाके में मौजूदगी से जुड़ी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस का ध्यान इस बात पर है कि उसके वहां तक पहुंचने, रहने और आवश्यक वस्तुएं हासिल करने के पीछे कोई संगठित व्यवस्था थी या नहीं।
जांच में सामान के स्रोत के अलावा संभावित सहयोगियों की पहचान पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति की भूमिका से संबंधित तथ्य या सबूत सामने आते हैं तो आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
इस बरामदगी के बाद बडगाम पुलिस के सामने मुठभेड़ से जुड़े घटनाक्रम की पूरी कड़ी सामने लाने की चुनौती है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 29 सितंबर की मुठभेड़ से पहले हाशिम मूसा को किस तरह की मदद मिल रही थी और क्या उसके संपर्क में कोई स्थानीय नेटवर्क सक्रिय था।
फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है। दवाइयों और खाद्य सामग्री वाले बैग की बरामदगी से जुड़े तथ्य, संभावित मददगार और सामान के स्रोत की तस्वीर विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।
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