जम्मू और कश्मीर

साइबर फ्रॉड से बचाव का एकमात्र उपाय जागरूकता: CICE

Ratna Netam
12 April 2026 3:29 PM IST
साइबर फ्रॉड से बचाव का एकमात्र उपाय जागरूकता: CICE
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Jammu.जम्मू: जम्मू में आज के डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच CICE ने कहा है कि साइबर फ्रॉड से बचने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता ही है। संगठन ने स्पष्ट किया कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ ऑनलाइन ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में लोगों को सतर्क और शिक्षित होना बेहद जरूरी है।
एक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। इनमें फर्जी कॉल, लिंक, ई-मेल, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया हैकिंग जैसी घटनाएँ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर बड़ी आर्थिक हानि से बचा जा सकता है।
Jammu and Kashmir में भी हाल के समय में साइबर फ्रॉड के मामलों में वृद्धि देखी गई है। कई लोग अनजाने में फर्जी लिंक पर क्लिक करके या अपनी निजी जानकारी साझा करके ठगी का शिकार हो जाते हैं।
CICE के प्रतिनिधियों ने बताया कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा नहीं करना चाहिए। बैंक या किसी सरकारी संस्था के नाम पर आने वाले संदिग्ध संदेशों को तुरंत सत्यापित करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी संस्था फोन पर ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगती, इसलिए ऐसी मांग को तुरंत संदेह की नजर से देखना चाहिए।
कार्यक्रम में छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने मजबूत पासवर्ड बनाने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाने और सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत करने की सलाह दी।
CICE ने यह भी कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम में सरकार और पुलिस के साथ-साथ आम जनता की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। यदि लोग समय पर शिकायत दर्ज कराएँ और जागरूक रहें, तो साइबर ठगी के मामलों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
Jammu में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल युग में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग को बढ़ावा देना था। विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से साइबर सुरक्षा के बारे में शिक्षित करना जरूरी है, क्योंकि वे अक्सर इन धोखाधड़ी का आसान निशाना बन जाते हैं।
अंत में CICE ने अपील की कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस से संपर्क किया जाए। जागरूकता और त्वरित कार्रवाई ही साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।
कुल मिलाकर, कार्यक्रम में यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि डिजिटल दुनिया में सुरक्षा की पहली शर्त जागरूकता है, और इसी के माध्यम से साइबर फ्रॉड से प्रभावी रूप से बचा जा सकता है।
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