जम्मू और कश्मीर

सेना कमांडर ने सुरक्षा हालात पर JIC मीटिंग में की विस्तृत समीक्षा

Ratna Netam
10 April 2026 7:05 PM IST
सेना कमांडर ने सुरक्षा हालात पर JIC मीटिंग में की विस्तृत समीक्षा
x

JAMMU.जम्मू: उत्तरी सेना कमांडर ने हाल ही में आयोजित संयुक्त इंटेलिजेंस कमेटी (JIC) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा हालात की समीक्षा की। बैठक में सेना, अर्धसैनिक बल, स्थानीय प्रशासन और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य सीमाई इलाकों में सुरक्षा स्थिति का आकलन करना और संभावित खतरों से निपटने के लिए रणनीतियों को समन्वित करना था। उत्तरी सेना कमांडर ने बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सूचना साझा करने की प्रक्रिया और निगरानी तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

बैठक के दौरान सीमा क्षेत्रों में हाल के घटनाक्रमों, घुसपैठ की कोशिशों और आतंकवादी गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कमांडर ने उच्च सतर्कता बनाए रखने और सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों को आपसी तालमेल के माध्यम से त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करनी चाहिए।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि JIC मीटिंग का यह मंच सीमाई सुरक्षा, खुफिया सूचना और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजनाओं को एक साथ लाने में अहम भूमिका निभाता है। उत्तरी सेना कमांडर ने सभी इकाइयों को निर्देश दिए कि संभावित खतरे के समय फील्ड पर त्वरित और संगठित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए।

बैठक में शामिल अधिकारियों ने यह भी बताया कि कमांडर ने क्षेत्रीय सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण, निगरानी प्रणाली और नई तकनीकों के इस्तेमाल पर भी ध्यान देने की सलाह दी। इसके अलावा, नागरिक सुरक्षा और स्थानीय लोगों के सहयोग को बढ़ावा देने के उपायों पर भी चर्चा हुई।

इस मीटिंग में एक विशेष एजेंडा के तहत सीमाई इलाकों में इंटेलिजेंस साझा करने की प्रक्रिया और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नई रणनीतियों को तैयार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस दिशा में आगे और भी कदम उठाए जाएंगे ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना से निपटना आसान हो सके।

उत्तरी सेना कमांडर ने बैठक के अंत में सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सुरक्षा हालात की निगरानी लगातार की जानी चाहिए और सभी संभावित खतरों की समय पर पहचान कर उनके निवारण के उपाय किए जाएं।

इस प्रकार, JIC मीटिंग ने न केवल सीमाई सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और सभी एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए ठोस कदम भी तय किए। यह कदम उत्तरी क्षेत्र की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी और सतर्क बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

Next Story