जम्मू और कश्मीर

पाक गोलाबारी शहीदों के सम्मान में Poonch Gurdwara में अरदास

Ratna Netam
8 May 2026 3:56 PM IST
पाक गोलाबारी शहीदों के सम्मान में Poonch Gurdwara में अरदास
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Jammu.जम्मू: पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी में मारे गए लोगों की याद में पुंछ के प्रमुख गुरुद्वारे में विशेष प्रार्थना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्थानीय नागरिक, धार्मिक नेता और सुरक्षा बलों के अधिकारी शामिल हुए, जिन्होंने शहीदों की आत्मा की शांति के लिए अरदास (धार्मिक प्रार्थना) की।
गुरुद्वारे में विशेष अरदास का आयोजन सुबह से ही शुरू हुआ, जिसमें लोगों ने अपने श्रद्धा भाव के साथ शहीदों के लिए प्रार्थना की। उपस्थित लोगों ने कहा कि यह आयोजन केवल शहीदों को सम्मान देने के लिए ही नहीं, बल्कि सीमा पार से लगातार होने वाली हिंसा के खिलाफ सामूहिक चेतना और एकजुटता दिखाने का माध्यम भी है।
गुरुद्वारे के प्रमुख ने कहा, "हम शहीदों को कभी नहीं भूलेंगे। यह अरदास हमारे परिवारों और पूरे समुदाय के लिए सांत्वना का संदेश है। हमें उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से सभी को सुरक्षा मिलेगी।"
स्थानीय प्रशासन ने भी इस अवसर पर लोगों को शांति बनाए रखने और धार्मिक स्थल पर अनुशासन का पालन करने का आग्रह किया। पुलिस और सुरक्षा बलों ने गुरुद्वारे के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित रूप से प्रार्थना कर सकें।
इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों ने कहा कि यह घटना उनकी आंखों में आंसू तो लेकर आई है, लेकिन साथ ही यह उन्हें सीमा सुरक्षा और देशभक्ति के महत्व की याद दिलाती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सामूहिक प्रार्थना करना और शहीदों को याद करना समाज में एकजुटता और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।
विशेष प्रार्थना में शहीद परिवारों को भी आमंत्रित किया गया। परिवारों ने कहा कि उन्हें गुरुद्वारे में आयोजित इस कार्यक्रम से बहुत सांत्वना मिली और उन्हें लगता है कि उनकी पीड़ा को पूरा समुदाय समझता है। उन्होंने सरकार और सुरक्षा बलों से यह भी आग्रह किया कि भविष्य में सीमा पार की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
इस अवसर पर गुरुद्वारे में भजन और कीर्तन भी आयोजित किए गए। भजन और कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालुओं ने शहीदों की आत्मा की शांति की कामना की। धार्मिक नेताओं ने भी कहा कि इस तरह की घटनाओं से भय और हिंसा की भावना को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रार्थना एक सशक्त माध्यम है।
विशेष प्रार्थना का आयोजन स्थानीय मीडिया और समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से किया गया। आयोजकों ने कहा कि यह आयोजन केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि समुदाय के लिए लगातार स्मरण और सम्मान का संदेश है।
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