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जम्मू और कश्मीर
बेमौसम बारिश और ठंड से हिमाचल में सेब की पैदावार प्रभावित हुई
Tara Tandi
10 Oct 2026 12:16 PM IST

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शिमला: बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस सीज़न में हिमाचल प्रदेश में सेब के उत्पादन में कमी के मुख्य कारणों में बेमौसम बारिश, फूल आने के समय ठंड का मौसम और पर्याप्त 'चिलिंग आवर्स' (ठंड के घंटे) न मिलना शामिल हैं।
शुक्रवार को यहां मीडिया से बात करते हुए नेगी ने बताया कि 'मार्केट इंटरवेंशन स्कीम' (MIS) के तहत अब तक हिमाचल प्रदेश हॉर्टिकल्चरल प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कॉरपोरेशन (HPMC) और हिमाचल प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव मार्केटिंग एंड कंज्यूमर्स फेडरेशन लिमिटेड (HIMFED) ने 13,202.666 मीट्रिक टन सेब खरीदे हैं।
मंत्री ने कहा कि मौजूदा सीज़न में अब तक बाज़ारों में सेब के 1,23,34,739 बॉक्स पहुंचे हैं, जबकि खराब मौसम ने राज्य की सेब की फसल को प्रभावित किया है।
MIS के तहत भुगतान के मामले में राज्य सरकार के काम का बचाव करते हुए नेगी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं पर किसानों और बागवानों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि मौजूदा कांग्रेस सरकार को पिछली BJP सरकार से 114 करोड़ रुपये का बकाया MIS भुगतान विरासत में मिला था।
नेगी के अनुसार, राज्य सरकार ने न केवल पिछली सरकार से मिले बकाये का भुगतान किया है, बल्कि अब तक किसानों और बागवानों को 262 करोड़ रुपये से ज़्यादा का भुगतान भी किया है।
राज्य सरकार की 'व्यवस्था परिवर्तन' पहल के तहत सुधारों पर ज़ोर देते हुए मंत्री ने कहा कि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए MIS के तहत पारंपरिक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की जगह अब एप्लीकेशन-आधारित सिस्टम लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस नए सिस्टम से रजिस्टर्ड किसानों और बागवानों की संख्या में कमी आई है, लेकिन प्रक्रिया में ज़्यादा पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
नेगी ने आगे बताया कि इस स्कीम के तहत 30 से कम बैग वाले 11,285 किसानों और बागवानों तथा 100 से कम बैग वाले 2,827 किसानों और बागवानों को 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) के ज़रिए भुगतान किया गया है।
वहीं, 100 से ज़्यादा बैग वाले लगभग 7,000 किसानों और बागवानों की पहचान वेरिफिकेशन के लिए की गई है। इनमें से लगभग 2,000 मामलों की पुष्टि हो चुकी थी, जबकि बाकी 5,000 मामलों में पुष्टि पूरी करने के लिए ज़मीन से जुड़े दस्तावेज़ मांगे गए थे।
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने MIS के तहत 1 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की है; इस कदम से राज्य भर के हज़ारों किसानों और बागवानों को फ़ायदा होने की उम्मीद है।
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