जम्मू और कश्मीर

सर्दियों में आग से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी

Kiran
6 Nov 2026 8:59 AM IST
सर्दियों में आग से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी
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श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर के अग्निशमन और आपातकालीन सेवा निदेशालय (Directorate of Fire and Emergency Services) ने सर्दियों के मौसम में आग से बचाव के लिए आम जनता के लिए एक सुरक्षा परामर्श (एडवाइजरी) जारी की है। इसमें चेतावनी दी गई है कि सर्दियां शुरू होते ही हीटिंग उपकरणों, जैसे कि बुखारी, कांगड़ी, एलपीजी हीटर और इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट का इस्तेमाल काफी बढ़ जाता है। इनका गलत तरीके से इस्तेमाल या लापरवाही बरतने से आग लगने की घटनाएं हो सकती हैं, दम घुट सकता है, और जान-माल का नुकसान हो सकता है।
जनता को सलाह दी गई है कि वे हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले और मानक (स्टैंडर्ड) चिह्न वाले हीटिंग उपकरणों, इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट और अन्य हीटिंग साधनों का ही इस्तेमाल करें। साथ ही, यह सुनिश्चित करें कि इस्तेमाल से पहले सभी उपकरणों की ठीक से जांच कर ली गई हो। लोगों से कहा गया है कि सोने जाने से पहले या घर से बाहर निकलते समय इलेक्ट्रिक हीटर और अन्य हीटिंग उपकरणों को बंद कर दें और उनका प्लग निकाल दें। एलपीजी हीटर का इस्तेमाल करते समय कमरे में हवा की आवाजाही (वेंटिलेशन) का उचित प्रबंध रखें; सोते समय या कमरे में किसी के न होने पर इन्हें कभी भी चालू न छोड़ें।
परामर्श में कहा गया है कि एलपीजी पाइप, रेगुलेटर और कनेक्शन में किसी तरह के रिसाव या खराबी की नियमित जांच करें। इस्तेमाल में न होने पर एलपीजी सिलेंडर के वाल्व और स्टोव के नॉब को बंद कर दें। कांगड़ी के इस्तेमाल को लेकर निदेशालय ने लोगों से कहा है कि वे बहुत सावधानी बरतें, इन्हें किसी स्थिर और सुरक्षित जगह पर रखें, और जलती हुई कांगड़ी को कभी भी बिना निगरानी के न छोड़ें। साथ ही, इन्हें बिस्तर, पर्दों या आग पकड़ने वाली अन्य चीजों के पास न रखें।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे बंद कमरों, अटारी या ऐसी जगहों पर जहां हवा की आवाजाही कम हो, वहां कोयला न जलाएं और न ही जमा करें। साथ ही, यह सुनिश्चित करें कि राख और अंगारे फेंकने से पहले पूरी तरह बुझ गए हों। इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट अच्छी गुणवत्ता वाले होने चाहिए। इनकी नियमित जांच करें कि कहीं तार खराब तो नहीं हैं या वे बहुत अधिक गर्म तो नहीं हो रहे हैं। निर्माता के निर्देशों का पालन करें और बताए गए तरीके से उपकरणों को बंद रखें।
परामर्श में चेतावनी दी गई है कि इलेक्ट्रिकल सॉकेट और एक्सटेंशन बोर्ड पर बहुत अधिक भार (ओवरलोडिंग) न डालें। सही क्षमता वाले फ्यूज, MCB और ELCB/RCCB का इस्तेमाल करें, और खराब वायरिंग को किसी योग्य इलेक्ट्रीशियन से ठीक करवाएं। बिजली के तारों को गर्म सतहों, पानी और नमी वाली जगहों से दूर रखें। साथ ही, अस्थायी, ढीले या खुले कनेक्शन का इस्तेमाल करने से बचें।
जनता से यह भी कहा गया है कि वे घरों के अंदर सूखी घास, जलावन की लकड़ी, बेकार लकड़ी, पुआल, कागज या आग पकड़ने वाली अन्य चीजें जमा न करें। इन्हें रिहायशी इमारतों और हीटिंग उपकरणों से दूर किसी अलग जगह पर रखें। लोगों को सलाह दी गई है कि खाना बनाते समय वे रसोई में ही रहें, अगर कुछ देर के लिए भी रसोई से बाहर जाना हो तो चूल्हा बंद कर दें, और आग पकड़ने वाली चीजों को खुली लपटों से दूर रखें।
निदेशालय ने इस बात पर जोर दिया है कि बुखारी, एलपीजी हीटर और ईंधन से चलने वाले अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करते समय हवा की आवाजाही (वेंटिलेशन) का उचित प्रबंध होना चाहिए, ताकि हानिकारक गैसें जमा न हों और दम घुटने जैसी स्थिति न बने। साथ ही, यह भी चेतावनी दी गई है कि हीटर या बुखारी के ऊपर या पास कपड़े, कंबल या आग पकड़ने वाली अन्य चीजें न सुखाएं, और जलती हुई सिगरेट या माचिस की तीली को लापरवाही से न फेंकें।
लोगों से कहा गया है कि वे हीटिंग और खाना पकाने वाली जगहों के पास आग बुझाने वाले यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) और पानी या रेत से भरी बाल्टियां तैयार रखें, और सीढ़ियों, गलियारों तथा बाहर निकलने के रास्तों को हमेशा खाली रखें। आग लगने की किसी भी घटना की स्थिति में, लोगों को सलाह दी गई है कि वे तुरंत टोल-फ्री इमरजेंसी नंबर 101 डायल करके फायर एंड इमरजेंसी सर्विस को सूचित करें। इसके अलावा, श्रीनगर कंट्रोल रूम को 0194-2452155 और 0194-2452222 पर, या जम्मू कंट्रोल रूम को 0191-2457705 और 0191-2435283 पर संपर्क किया जा सकता है। तुरंत मदद पाने के लिए लोग अपने नजदीकी फायर स्टेशन से भी संपर्क कर सकते हैं।
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