जम्मू और कश्मीर

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की प्रशासनिक तैयारियां तेज, इसी माह निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण

Sarita
14 July 2022 7:23 AM IST
Administrative preparations for assembly elections intensified in Jammu and Kashmir, training of election officers this month
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फाइल फोटो 

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। मतदाता सूची बनाने का काम शुरू होने के साथ ही अब सभी 20 जिलों के निर्वाचन अधिकारी और उप जिला निर्वाचन अधिकारी को ईवीएम की चेकिंग का प्रशिक्षण इसी महीने दिया जाएगा। चुनाव आयोग ने प्रशिक्षण कार्यक्रम तय कर दिए हैं। तेलंगाना से साढ़े 14 हजार से अधिक वीवीपैट मशीनें भी मंगा ली गई हैं।

निर्वाचन कार्यालय से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों जम्मू, कठुआ, सांबा, राजोरी, पुंछ, उधमपुर, रियासी, डोडा, किश्तवाड़ व रामबन के चुनाव से जुड़े अधिकारियों का प्रशिक्षण 25 जुलाई को होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम कनाल रोड स्थित कन्वेंशन सेंटर में प्रस्तावित है। इसके साथ ही कश्मीर संभाग के कुपवाड़ा, बारामुला, बांदीपोरा, गांदरबल, श्रीनगर, बडगाम, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम व अनंतनाग के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 जुलाई को शेर-ए-कश्मीर कन्वेंशन सेंटर में होगा।
सूत्रों ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए आयोग की तकनीकी टीम के साथ ही ईवीएम निर्माता कंपनी के विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे। विशेषज्ञों की ओर से इन्हें मशीन के संचालन और मशीन की खराबी का पता लगाने के गुर बताए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में तैनात अतिरिक्त सचिव की ओर से सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी व डीसी को पत्र भेजकर ईवीएम व वीवीपैट प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने को कहा गया है।
इस बार बढ़ेंगे मतदान केंद्र
सूत्रों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में पर्याप्त संख्या में ईवीएम मौजूद है जिससे चुनाव कराने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। परिसीमन से पहले पिछले चुनाव में यहां मतदान केंद्रों की संख्या साढ़े 10 हजार थी। परिसीमन के बाद नए क्षेत्रों के शामिल होने से अब इसमें बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि यह संख्या 11 हजार से अधिक होगी। प्रत्येक केंद्र पर ईवीएम के साथ ही कंट्रोल यूनिट, वीवीपैट होगा।
तीन साल बाद नए मतदाताओं को मिलेगा मौका
प्रदेश में तीन साल बाद नए मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का मौका मिलेगा। एक सितंबर से मतदाता पुनरीक्षण अभियान शुरू होगा यानी एक अक्तूबर को 18 साल की आयु पूरा करने वाले मतदाता बन सकते हैं। 31 अक्तूबर को प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी, जिसके आधार पर चुनाव होंगे।
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