जम्मू और कश्मीर

Jammu-श्रीनगर हाईवे पर हादसा, पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से पूर्व सरपंच की मौत

Kavita2
15 July 2026 11:30 AM IST
Jammu-श्रीनगर हाईवे पर हादसा, पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से पूर्व सरपंच की मौत
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रामबन : जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया। रामबन जिले में त्रिशूल मोड़ के पास पहाड़ी से अचानक गिरे एक बड़े बोल्डर की चपेट में आने से कार सवार पूर्व सरपंच की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान रामबन जिले के सेरी निवासी मोहम्मद इकबाल तांत्रे के रूप में हुई है। वह क्षेत्र के पूर्व सरपंच रह चुके थे। जानकारी के मुताबिक, वह किसी व्यक्ति को छोड़ने के लिए रामबन गए थे और वहां से वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर त्रिशूल मोड़ के पास यह हादसा हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार जैसे ही त्रिशूल मोड़ के पास पहुंची, उसी समय पहाड़ी से अचानक एक बड़ा पत्थर लुढ़कता हुआ नीचे आ गया। इससे पहले कि चालक कुछ समझ पाता, बोल्डर सीधे कार पर जा गिरा।

बोल्डर के गिरने से कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पत्थर कार में बैठे मोहम्मद इकबाल तांत्रे के सिर पर लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और पुलिस को इसकी सूचना दी।

स्थानीय लोगों और पुलिस की सहायता से घायल मोहम्मद इकबाल को तत्काल जिला अस्पताल रामबन पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने जांच के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। हादसे के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है, जहां बारिश के मौसम में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। पहाड़ों से गिरने वाले पत्थर और मलबा यात्रियों के लिए बड़ा खतरा बन जाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टानों के कमजोर होने के कारण बोल्डर गिरने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में वाहन चालकों को संवेदनशील इलाकों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे के संवेदनशील हिस्सों पर सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं। उनका कहना है कि त्रिशूल मोड़ जैसे क्षेत्रों में पत्थर गिरने की घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निगरानी और सुरक्षात्मक उपाय जरूरी हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद हाईवे की स्थिति की भी जांच की गई। फिलहाल यातायात व्यवस्था को सामान्य रखा गया है और दुर्घटना की विस्तृत जांच जारी है।

मोहम्मद इकबाल तांत्रे की मौत की खबर से सेरी और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने उन्हें सामाजिक कार्यों से जुड़े व्यक्ति के रूप में याद किया। पूर्व सरपंच होने के कारण क्षेत्र में उनकी पहचान थी और लोग उनकी मौत से दुखी हैं।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय कार की गति और अन्य परिस्थितियां क्या थीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि उस स्थान पर पहले से पत्थर गिरने की कोई चेतावनी या सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी या नहीं।

फिलहाल जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रही हैं।

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