जम्मू और कश्मीर

शिल्प और गुलदाउदी का अनोखा संगम, मुख्यमंत्री ने किया प्रदर्शनी का उद्घाटन

Kiran
24 Oct 2026 9:04 AM IST
शिल्प और गुलदाउदी का अनोखा संगम, मुख्यमंत्री ने किया प्रदर्शनी का उद्घाटन
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श्रीनगर, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज श्रीनगर के क्राइसेंथेमम गार्डन में 'नो योर आर्टिसन' (अपने कारीगर को जानें) कार्यक्रम के शरदकालीन संस्करण का उद्घाटन किया। घाटी में खिले फूलों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने कश्मीर की समृद्ध हस्तशिल्प विरासत को सबके सामने लाने का काम किया है। इस अवसर पर कृषि उत्पादन मंत्री जावेद अहमद डार, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, विधायक शमीम फिरदौस, शेख अहसान अहमद (परदेसी) और सलमान सागर, हथकरघा एवं हस्तशिल्प निदेशक तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
प्रदर्शनी के दौरान, मुख्यमंत्री ने कश्मीर की पारंपरिक कलाओं के लाइव प्रदर्शन में गहरी रुचि दिखाई। ये कलाएं अपनी बारीक कारीगरी के लिए जानी जाती हैं और वैश्विक बाजारों में इनकी विशेष पहचान है। उन्होंने कई स्टॉलों का दौरा किया और कारीगरों से बातचीत की। कारीगरों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इन बेहतरीन हस्तशिल्प उत्पादों को बनाने में कितनी कुशलता, समर्पण और कड़ी मेहनत लगती है।
मुख्यमंत्री ने क्राइसेंथेमम गार्डन जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पारंपरिक कलाओं को प्रदर्शित करने की हस्तशिल्प एवं हथकरघा विभाग की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से पर्यटकों को कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ यहाँ की समृद्ध कलात्मक विरासत को करीब से जानने का मौका मिलेगा। साथ ही, यह उन्हें असली हस्तनिर्मित उत्पादों को देखने और खरीदने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।
'नो योर आर्टिसन', हस्तशिल्प एवं हथकरघा विभाग का एक ब्रांड प्रमोशन अभियान है, जो 'सोलफुल कश्मीर' (Soulful Kashmir) के अंतर्गत चलाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य कश्मीर के कुशल कारीगरों को एक मंच प्रदान करना है, जहाँ वे अपने काम का प्रदर्शन कर सकें और अपनी कला के पीछे की कहानियाँ साझा कर सकें। विभाग ने यहाँ 20 स्टॉल लगाए हैं, जिनमें 'भौगोलिक संकेतक' (GI-टैग) वाले और लुप्त हो रहे शिल्प प्रदर्शित किए गए हैं। यह प्रदर्शनी क्राइसेंथेमम शो के साथ-साथ 15 दिनों तक चलेगी। यहाँ एक विशेष 'ट्राई योर हैंड्स' (खुद आजमाएं) कॉर्नर भी बनाया गया है, जहाँ पर्यटक पारंपरिक शिल्प बनाने की तकनीकों का खुद अनुभव ले सकते हैं। पर्यटक यहाँ कश्मीर के कुछ सबसे प्रसिद्ध हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को बनाने की जटिल प्रक्रियाओं को देख सकते हैं। इनमें सोज़नी कढ़ाई वाले पश्मीना शॉल, पारंपरिक 'तालीम' तकनीक से बुने गए कानी शॉल, पेपर-मैशे (कागज की लुगदी से बनी वस्तुएं), विलो विकरवर्क (बेंत का काम) और अखरोट की लकड़ी पर की गई नक्काशी शामिल हैं।
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