जम्मू और कश्मीर

कश्मीर की खूबसूरती में जुड़ा नया आकर्षण, पर्यटन सीजन बढ़ाने की तैयारी

Kiran
24 Oct 2026 9:02 AM IST
कश्मीर की खूबसूरती में जुड़ा नया आकर्षण, पर्यटन सीजन बढ़ाने की तैयारी
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श्रीनगर, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को श्रीनगर के चश्मा शाही स्थित बॉटनिकल गार्डन में 'क्रिसेंथेमम शो 2026' (गुलदाउदी प्रदर्शनी) का उद्घाटन किया। साथ ही, 'क्रिसेंथेमम थीम गार्डन' - जिसे 'बाग-ए-गुल-दाऊद' के नाम से भी जाना जाता है - को आम जनता के लिए खोल दिया गया। यह कदम कश्मीर में पर्यटन सीजन को बढ़ाने और घाटी में घूमने के लिए पतझड़ (ऑटम) के मौसम को भी उतना ही आकर्षक बनाने की दिशा में एक और प्रयास है।
'नए रंगों के साथ पतझड़ को समृद्ध करना' (Enriching Autumn with New Colours) थीम वाले इस शो में 70 से अधिक किस्मों के 3.5 लाख स्थानीय पौधों को प्रदर्शित किया गया है, जिन पर लगभग 1.2 करोड़ (12 मिलियन) फूल खिले हैं। 100 कनाल में फैला यह थीम गार्डन, फ्लोरीकल्चर (पुष्प कृषि), पार्क और उद्यान विभाग द्वारा विकसित किया गया है। यह पतझड़ के मौसम का एक प्रमुख आकर्षण है, जो कश्मीर के नजारों में पीला, लाल, गुलाबी और बैंगनी जैसे जीवंत रंग बिखेरता है।
इस साल इस गार्डन को और बेहतर बनाया गया है। यहाँ फूलों की क्यारियों का दायरा बढ़ाया गया है, रंग-बिरंगे फूलों की सजावट की गई है, पानी के फव्वारे और जल-दृश्य (water features) जोड़े गए हैं, सेल्फी पॉइंट बनाए गए हैं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे यहाँ आने वाले लोगों को पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता के बीच एक शानदार अनुभव मिलेगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 'बाग-ए-गुल-दाऊद' की शुरुआत पिछले साल की गई थी। इसका उद्देश्य कश्मीर में हर नए मौसम की शुरुआत पर कुछ खास फूलों वाले आकर्षण तैयार करना था। उन्होंने कहा, "श्रीनगर के 'बाग-ए-गुल-दाऊद' में फूलों के खिलने का यह दूसरा साल है। इस गार्डन की शुरुआत पिछले साल हुई थी, जिसका मकसद हमारे पर्यटन सीजन की शुरुआत को चिह्नित करना और साल के अंत में श्रीनगर में कुछ खास पेश करना था। ये दोनों गार्डन श्रीनगर के लिए बेहद खास और अनोखे हैं।" मुख्यमंत्री ने बताया कि साल की शुरुआत में तो 'ट्यूलिप गार्डन' बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन पहले पतझड़ के महीनों में पर्यटकों को लुभाने के लिए कोई ऐसा खास आकर्षण नहीं था।
उन्होंने कहा, "हम अपने पर्यटन सीजन को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। आपने देखा होगा कि साल की शुरुआत में बहुत से लोग ट्यूलिप गार्डन देखने आते हैं। लेकिन पतझड़ के मौसम में, हमने लोगों को दिखाने के लिए कुछ खास जोड़ने की कोशिश की है। इसीलिए फ्लोरीकल्चर विभाग ने इस 'क्रिसेंथेमम गार्डन' (गुलदाउदी गार्डन) को विकसित किया है।" पिछले साल के मुकाबले हुए सुधारों की सराहना करते हुए, उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने खुद बगीचे के विकास में आए बदलाव को देखा है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह जगह आगे चलकर एक खास आकर्षण के रूप में और निखरेगी।
उन्होंने कहा, "मैंने पिछले साल और इस साल के बीच का फर्क देखा है। हम इसी तरह इसका विकास जारी रखेंगे।" स्थानीय उत्पादन और टिकाऊ विकास के महत्व पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि ट्यूलिप गार्डन के विपरीत—जिसके लिए बल्ब (पौधों के बीज/जड़ें) देश के बाहर से मंगाने पड़ते हैं—गुलदाउदी (क्रिसेंथेमम) का यह बगीचा पूरी तरह से स्थानीय स्तर पर तैयार पौधों पर निर्भर है। इन पौधों को यहीं जम्मू-कश्मीर में उगाया और बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा, "इस बगीचे का एक बड़ा फायदा यह है कि यहाँ के ज्यादातर पौधे यहीं के हैं। बस कुछ बल्ब बाहर से मंगाने पड़ते हैं ताकि बगीचा चलता रहे। यहाँ के ज्यादातर पौधे हमारे अपने हैं, जिन्हें हम यहीं उगाते और बढ़ाते हैं। हम हर साल इस बगीचे में कुछ नया करने की कोशिश करेंगे।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले सालों में इस बगीचे का और विकास किया जाएगा। हर साल इसमें नई चीजें और आकर्षण जोड़े जाएंगे, ताकि लोगों की दिलचस्पी बनी रहे और यह पर्यटकों को और भी ज्यादा आकर्षित करे। श्रीनगर, आसपास के इलाकों और पूरे जम्मू-कश्मीर के लोगों को इस बगीचे में आने का न्योता देते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ के फूलों का नजारा पतझड़ के मौसम की खूबसूरती का आनंद लेने का एक बेहतरीन मौका है। लोग यहाँ तस्वीरें खींचकर इस अनुभव को हमेशा के लिए संजो कर रख सकते हैं। उन्होंने कहा, "मैं सभी पर्यटकों और स्थानीय लोगों को यहाँ आने और इस बगीचे की खूबसूरती का आनंद लेने के लिए आमंत्रित करता हूँ। यहाँ कुछ तस्वीरें लें और उन्हें यादगार निशानी के तौर पर अपने साथ ले जाएं।"
यह पहल सरकार के उस प्रयास को दर्शाती है, जिसका मकसद कश्मीर के पर्यटन को सिर्फ वसंत ऋतु के ट्यूलिप सीजन तक सीमित न रखकर, पतझड़ के मौसम में भी पर्यटकों को घाटी में आने के लिए और वजहें देना है। अपने शानदार फूलों, बेहतरीन लैंडस्केपिंग और पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाओं के साथ, 'बाग-ए-गुल-दाऊद' एक खास मौसमी आकर्षण बनने जा रहा है, जो श्रीनगर के पर्यटन परिदृश्य में एक नया आयाम जोड़ेगा।
इस बगीचे का विकास यह भी दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर फूलों की खेती (फ्लोरिकल्चर) के जरिए न केवल पर्यटकों को एक अनोखा अनुभव दिया जा सकता है, बल्कि स्थानीय पौधों को बढ़ावा भी दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री के साथ कृषि उत्पादन मंत्री जावेद अहमद डार, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, हब्बा कदल की विधायक शमीम फिरदौस, हजरतबल के विधायक सलमान सागर, लाल चौक के विधायक शेख अहसान अहमद, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, फ्लोरिकल्चर, पार्क और गार्डन विभाग के आयुक्त सचिव जुबैर अहमद और कश्मीर की फ्लोरिकल्चर निदेशक मथूरा मासूम सहित अन्य अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद थे।
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