जम्मू और कश्मीर

वैष्णो देवी यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनिवार को 44 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

Kavita2
16 Aug 2026 6:00 PM IST
वैष्णो देवी यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनिवार को 44 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
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कटड़ा। जम्मू-कश्मीर में बदलते मौसम के बावजूद माता वैष्णो देवी की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। स्वतंत्रता दिवस और आगामी त्योहारों के बीच बड़ी संख्या में भक्त आधार शिविर कटड़ा पहुंच रहे हैं। रविवार दोपहर दो बजे तक करीब 17 हजार श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करवाकर माता के भवन की ओर रवाना हो चुके थे। वहीं शनिवार को करीब 44 हजार श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाई।

मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर यात्रा से जुड़ी कुछ सुविधाओं पर भी देखने को मिला। रविवार को हेलीकॉप्टर सेवा अधिकांश समय प्रभावित रही। इसके बावजूद यात्रा सुचारू रूप से जारी रही और श्रद्धालुओं के लिए बैटरी कार, रोपवे, घोड़ा-पिट्ठू और पालकी जैसी अन्य सेवाएं उपलब्ध रहीं।

आधार शिविर कटड़ा से लेकर माता वैष्णो देवी भवन तक श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी हुई है। बड़ी संख्या में परिवार और श्रद्धालुओं के समूह मां के जयकारे लगाते हुए भवन की ओर बढ़ रहे हैं। मौसम की अनिश्चितता भी भक्तों की आस्था और उत्साह को कम नहीं कर पाई है।

रविवार दोपहर तक 17 हजार श्रद्धालुओं का पंजीकरण

रविवार को सुबह से ही कटड़ा में यात्रा पंजीकरण केंद्रों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। दोपहर दो बजे तक करीब 17 हजार भक्त अपना पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। दिन आगे बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी होने की संभावना रही।

शनिवार को यात्रा में काफी भीड़ देखने को मिली थी। करीब 44 हजार श्रद्धालुओं ने माता वैष्णो देवी के दर्शन किए। इतनी बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने से भवन परिसर, यात्रा मार्ग और कटड़ा में पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा।

स्वतंत्रता दिवस के आसपास छुट्टियां होने और आगामी त्योहारों को देखते हुए भी श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए कटड़ा पहुंच रहे हैं।

मौसम ने हेलीकॉप्टर सेवा को किया प्रभावित

पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल रहा है। कभी बादल तो कभी बारिश की स्थिति के कारण हेलीकॉप्टर सेवा पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। रविवार को अधिकांश समय हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित रहने से इसका उपयोग करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।

हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन मौसम की परिस्थितियों पर काफी हद तक निर्भर करता है। कम दृश्यता, बादल या तेज बारिश की स्थिति में सुरक्षा कारणों से उड़ान प्रभावित हो सकती है। हालांकि अन्य यात्री सुविधाएं उपलब्ध रहने से श्रद्धालुओं की यात्रा जारी रही।

विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और चलने में कठिनाई महसूस करने वाले श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक सेवाएं महत्वपूर्ण साबित हुईं।

बैटरी कार और रोपवे सेवा रही उपलब्ध

हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित होने के बावजूद बैटरी कार, रोपवे, घोड़ा-पिट्ठू और पालकी जैसी सुविधाएं श्रद्धालुओं को मिलती रहीं। इससे बड़ी संख्या में भक्तों को यात्रा पूरी करने में सहायता मिली।

यात्रा मार्ग पर पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी अधिक रही। मौसम बदलने के बावजूद भक्त मां के जयकारों के साथ आगे बढ़ते नजर आए। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालु कुछ देर विश्राम करने के बाद फिर भवन की तरफ रवाना होते रहे।

कटड़ा से भवन तक की यात्रा के दौरान प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के लिए भी मौसम के अनुसार व्यवस्थाएं बनाए रखना महत्वपूर्ण हो जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण यात्रा मार्ग पर सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत रहती है।

भवन से कटड़ा तक बढ़ी चहल-पहल

स्वतंत्रता दिवस के साथ आगामी त्योहारों के कारण कटड़ा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से बाजारों और होटल क्षेत्रों में भी चहल-पहल देखने को मिल रही है। यात्रा पंजीकरण केंद्रों के आसपास भी भक्तों की आवाजाही लगातार बनी हुई है।

माता के भवन पर भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु मौसम की चुनौतियों के बावजूद अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं। देश के अलग-अलग राज्यों से आए भक्तों के कारण कटड़ा में धार्मिक और उत्सवी माहौल बना हुआ है।

बदलते मौसम के बीच सावधानी जरूरी

पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान मौसम अचानक बदल सकता है। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है। बारिश होने पर रास्तों में फिसलन की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए यात्रियों को निर्धारित मार्गों का इस्तेमाल करने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।

विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों के लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। बारिश से बचाव के लिए जरूरी सामान रखने के साथ आरामदायक जूते और मौसम के अनुरूप कपड़े यात्रा को सुविधाजनक बना सकते हैं।

आस्था के आगे मौसम की चुनौती फीकी

माता वैष्णो देवी की यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से साफ है कि मौसम में बदलाव के बावजूद भक्तों के उत्साह में कमी नहीं आई है। शनिवार को करीब 44 हजार श्रद्धालुओं के दर्शन और रविवार दोपहर तक लगभग 17 हजार यात्रियों के पंजीकरण ने यात्रा में बढ़ती भीड़ का संकेत दिया है।

आगामी दिनों में त्योहारों और छुट्टियों को देखते हुए श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है। ऐसे में यात्रा मार्ग से लेकर भवन और आधार शिविर कटड़ा तक व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल माता वैष्णो देवी की यात्रा जारी है। हेलीकॉप्टर सेवा पर मौसम का असर पड़ने के बावजूद अन्य सेवाओं के संचालन से श्रद्धालुओं को राहत मिली है। पल-पल बदलते मौसम के बीच मां के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं के जत्थे लगातार भवन की ओर बढ़ रहे हैं और माता के दरबार में शीश नवाकर अपनी मनोकामनाएं मांग रहे हैं।

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