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बारिश के खतरे के बीच सरकार का तोहफा, 3 महीने का राशन साथ मिलेगा

जम्मू। मानसून के दौरान संभावित परेशानियों को देखते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार ने लोगों के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब केंद्र शासित प्रदेश के पात्र लाभार्थियों को अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 का राशन एक साथ अग्रिम रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने यह निर्णय लिया है ताकि बारिश के मौसम में राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित न हो और लोगों को समय पर खाद्यान्न मिल सके।
विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और गैर-प्राथमिकता वाले परिवारों (NPHH) योजनाओं के तहत मिलने वाले तीन महीने के खाद्यान्न का अग्रिम उठान और वितरण किया जाएगा। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि यह पूरी प्रक्रिया 31 अगस्त 2026 तक या उससे पहले पूरी कर ली जाए, ताकि मानसून के दौरान किसी भी तरह की आपूर्ति संबंधी समस्या से बचा जा सके।
सरकार का यह कदम मुख्य रूप से मौसम को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में मानसून के दौरान भारी बारिश, भूस्खलन और परिवहन संबंधी दिक्कतें सामने आती हैं। ऐसे में राशन की नियमित आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना रहती है। इसी को देखते हुए विभाग ने पहले से ही खाद्यान्न उपलब्ध कराने की योजना बनाई है, जिससे लोगों को मुश्किल परिस्थितियों में भी जरूरी खाद्य सामग्री मिलती रहे।
नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को एक ही बार के लेनदेन में तीन महीने का पूरा राशन मिल जाएगा। इसके लिए खाद्यान्न का अग्रिम आवंटन पहले ही कर दिया गया है। विभाग ने ई-पीओएस मशीनों में वन टाइम ट्रांजैक्शन की सुविधा शुरू करने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), जम्मू-कश्मीर से भी अनुरोध किया है। इससे राशन वितरण प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने अधिकारियों को इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि खाद्यान्न का अग्रिम उठान और वितरण व्यवस्था को मजबूत करेगा और मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने में मदद करेगा।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, खाद्यान्न के उठान, परिवहन और वितरण के लिए भारतीय खाद्य निगम (FCI), जम्मू-कश्मीर सड़क परिवहन निगम और जिला प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाएगा। सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि राशन वितरण में किसी तरह की देरी न हो।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों को हर परिस्थिति में खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि मानसून से पहले राशन का अग्रिम वितरण करने से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी राहत मिलेगी। खराब मौसम के कारण अगर कहीं आवाजाही प्रभावित होती है तो भी लोगों के पास पहले से पर्याप्त राशन उपलब्ध रहेगा।
जम्मू-कश्मीर के खाद्य विभाग ने जिला अधिकारियों, उचित मूल्य की दुकानों के डीलरों और अन्य संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे समय सीमा के भीतर राशन वितरण का काम पूरा करें। अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी करने के लिए कहा गया है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था मानसून के दौरान खाद्य आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। तीन महीने का राशन पहले मिलने से लाभार्थियों को बार-बार राशन केंद्रों तक जाने की जरूरत भी कम होगी। खासकर बारिश के मौसम में यह व्यवस्था आम लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर के लाखों राशन लाभार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर पूरी की जाएगी, ताकि मानसून के दौरान किसी भी परिवार को खाद्यान्न की कमी का सामना न करना पड़े।





