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जर्जर सड़क बनी हादसे की वजह, ट्राला सड़क किनारे लुढ़का, बड़ा हादसा टला

Jammu जम्मू: चनैनी तहसील के सराड़ क्षेत्र में खराब और जर्जर सड़क व्यवस्था एक बार फिर दुर्घटना का कारण बन गई। मंगलवार सुबह एक ट्राला अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लुढ़क गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि चालक की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
यह घटना उस समय हुई जब ट्राला सराड़ गांव के पास से गुजर रहा था। खराब सड़क और असंतुलित मार्ग के कारण वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और सड़क के किनारे लुढ़क गया। हादसे के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और चालक को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।
सराड़ क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की सड़क व्यवस्था की हालत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वाहन कुछ फीट और आगे फिसल जाता तो यह सीधी गहरी खाई में जा सकता था, जिससे बड़ा हादसा होने की पूरी संभावना थी।
ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग की हालत लंबे समय से खराब है और कई बार प्रशासन को इसकी जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस मरम्मत कार्य नहीं किया गया है। बारिश और लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क और अधिक जर्जर हो गई है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि ट्राला जैसे ही असंतुलित हुआ, चालक ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए वाहन से बाहर छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई। यदि थोड़ी भी देर होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
स्थानीय लोगों ने इस घटना के बाद प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की। उनका कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इस मार्ग पर पहले भी छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि इस क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था पूरी तरह जर्जर सड़कों पर निर्भर है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। भारी वाहनों के गुजरने से सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है, लेकिन मरम्मत कार्य समय पर नहीं किया जाता।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। सभी ने मिलकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात को सामान्य करने में मदद की। कुछ समय के लिए सड़क पर आवाजाही बाधित रही, जिसे बाद में धीरे-धीरे बहाल किया गया।
प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस सड़क की तुरंत मरम्मत कराई जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में खराब सड़कें किस तरह से लोगों की जान के लिए खतरा बनती जा रही हैं। फिलहाल सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।





