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जम्मू और कश्मीर
राजौरी में PMEGP के तहत 35 युवाओं ने शुरू की आंत्रप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग
SHIDDHANT
27 Feb 2026 9:23 PM IST

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Raajauree राजौरी। आत्मनिर्भर भारत अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में एक नया अध्याय जोड़ा है। यहां जम्मू और कश्मीर बैंक के रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आरएसईटीआई) राजौरी में 35 पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं के लिए आंत्रप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम (ईडीपी) ट्रेनिंग का नया बैच शुरू हो गया है। यह ट्रेनिंग उन्हें स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ाने और छोटे-मोटे उद्योग स्थापित करने के लिए तैयार करेगी।
पीएमईजीपी, खादी और विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन (केवीआईसी) द्वारा संचालित एक केंद्रीय योजना है, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में माइक्रो एंटरप्राइजेज स्थापित करने के माध्यम से रोजगार सृजन करती है। केवीआईसी, डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेंटर (डीआईसी) राजौरी और खादी एंड विलेज इंडस्ट्रीज बोर्ड (केवीआईबी) के सहयोग से चलाए जा रहे इस कार्यक्रम में ट्रेनिंग ले रहे उम्मीदवारों को बिजनेस मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करना, फाइनेंशियल प्लानिंग, मार्केटिंग स्ट्रेटेजी और बैंक से सब्सिडी वाली मदद प्राप्त करने की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।
आरएसईटीआई राजौरी के डायरेक्टर सुनील शर्मा ने ट्रेनिंग शुरू होने पर उम्मीदवारों को संबोधित करते हुए बताया कि आंत्रप्रेन्योरशिप में सफलता के लिए कमिटमेंट, समय की पाबंदी, इनोवेशन और आत्मविश्वास सबसे जरूरी हैं। उन्होंने युवाओं को इस ट्रेनिंग को लंबे समय तक वित्तीय स्वतंत्रता और समुदाय विकास की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखने की सलाह दी।
उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में बताया, "हमारे पास ट्रेनिंग के लिए आए युवाओं का शुक्रिया। जिले के बेरोजगार नौजवान अब नौकरी की तलाश छोड़कर स्वरोजगार चुन रहे हैं, और कल को वे खुद दूसरों को रोजगार देंगे। यह 10 दिवसीय एंटरप्राइज डेवलपमेंट प्रोग्राम है, जिसमें बेसिक बिजनेस स्किल्स सिखाई जाती हैं। पीएमईजीपी केंद्र की पुरानी और सफल योजना है, जिसने पूरे देश में बड़ा बदलाव लाया है। स्कीम के तहत सर्विस सेक्टर में 20 लाख तक और मैन्युफैक्चरिंग में 50 लाख तक का लोन दिया जाता है, जिसमें अधिकतम 35 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है।"
ट्रेनिंग ले रही महिला उम्मीदवार आरती शर्मा ने कहा, "मैंने केवीआईसी से लोन लिया है और राजौरी में ट्रेनिंग के लिए आई हूं। इस ट्रेनिंग से मुझे व्यापार चलाने की पूरी जानकारी मिलेगी। सरकार 35 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है, इसके लिए धन्यवाद।"
एक अन्य उम्मीदवार मुख्तार अहमद ने बताया, "पीएमईजीपी के तहत ट्रेनिंग मेरे लिए बहुत उपयोगी है। मैंने बिजनेस के लिए लोन अप्लाई किया है। सरकार की इस मदद के लिए आभारी हूं।"
राकेश रैना, जिनका पहले से छोटा कारोबार चल रहा है, ने कहा, "मैं प्रिंटिंग प्रेस लगाना चाहता हूं। योजना के बारे में पता चला तो सरकार से संपर्क किया। हमें 10 लाख रुपए का लोन स्वीकृत हुआ है और ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। यहां बिजनेस चलाने का तरीका सिखाया जा रहा है। बेरोजगार युवाओं को सरकारी योजनाओं का फायदा उठाना चाहिए। भारत सरकार का शुक्रिया।"
पीएमईजीपी के तहत उम्मीदवारों को लोन पर 35 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाती है। यह योजना न केवल व्यक्तिगत स्तर पर आर्थिक स्वतंत्रता देती है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है। राजौरी जैसे सीमांत जिले में यह पहल युवाओं में उत्साह भर रही है और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में योगदान दे रही है।
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