- Home
- /
- राज्य
- /
- जम्मू और कश्मीर
- /
- 1991 जम्मू रेलवे...
1991 जम्मू रेलवे स्टेशन धमाका मामला, 35 साल से फरार आरोपी अल्ताफ हुसैन शेख गिरफ्तार

जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 1991 के जम्मू रेलवे स्टेशन धमाका मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। रेलवे पुलिस (GRP) जम्मू ने करीब 35 साल से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना के बाद लंबे समय तक अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था और कई दशकों की तलाश के बाद उसे पकड़ा गया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनंतनाग जिले के मरहामा-बिजबेहारा निवासी नजीर अहमद शेख के बेटे अल्ताफ हुसैन शेख के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, अल्ताफ हुसैन शेख पर उस समय लागू टेररिस्ट एंड डिसरप्टिव एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट यानी TADA के तहत मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, अब यह कानून समाप्त हो चुका है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी 2 अप्रैल 1991 को जम्मू रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर हुए बम धमाके के मामले में वांछित था। जांच में सामने आया था कि वह अपने कुछ साथियों के साथ इस आतंकी साजिश में शामिल था। धमाके के बाद आरोपी फरार हो गया था और लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।
इस विस्फोट में तीन लोगों की मौत हुई थी, जिनमें पैरामिलिट्री फोर्स के दो जवान भी शामिल थे। इसके अलावा 18 आम नागरिक घायल हुए थे। घटना के बाद रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। जांच एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू की थी और कई संदिग्धों की पहचान की गई थी।
पुलिस के अनुसार, अल्ताफ हुसैन शेख घटना के बाद लगातार अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। उसने कई वर्षों तक गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की। रेलवे पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थीं। आखिरकार लंबे समय बाद उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी एक लंबी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। पुलिस टीम ने पुराने रिकॉर्ड, जांच दस्तावेजों और अन्य सूचनाओं के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।
अधिकारियों का कहना है कि पुराने मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में शामिल लोगों को कानून के दायरे में लाना पुलिस की प्राथमिकता है। अल्ताफ हुसैन शेख की गिरफ्तारी को इसी अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
1991 का जम्मू रेलवे स्टेशन धमाका उस समय की बड़ी आतंकी घटनाओं में शामिल था। उस दौर में जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियां तेजी से बढ़ रही थीं। रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थान को निशाना बनाए जाने से लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया था।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी हासिल की जा सके। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमाके की साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे और आरोपी इतने लंबे समय तक कहां और किस तरह छिपा रहा।
अधिकारियों के अनुसार, पुराने मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से न्याय प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। पुलिस का कहना है कि किसी भी गंभीर अपराध में शामिल व्यक्ति को लंबे समय तक कानून से बचने का मौका नहीं दिया जाएगा।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए पेश किया जाएगा। पुलिस मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड और सबूतों की समीक्षा कर रही है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसियां पुराने मामलों में भी लगातार काम कर रही हैं। 35 साल बाद हुई यह गिरफ्तारी यह संदेश देती है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच एजेंसियां लगातार प्रयास करती रहती हैं।





