जम्मू और कश्मीर

जम्मू-कश्मीर से 150 बांग्लादेशी नागरिक बंगाल भेजे गए, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

nidhi
7 Oct 2026 6:41 AM IST
जम्मू-कश्मीर से 150 बांग्लादेशी नागरिक बंगाल भेजे गए, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू
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BSF को सौंपे गए

सिलीगुड़ी : जम्मू-कश्मीर में कथित रूप से बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों के मुताबिक, 150 बांग्लादेशी नागरिकों के एक समूह को श्रीनगर से भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के जरिए पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचाया गया। वहां उन्हें सीमा सुरक्षा बल यानी BSF के हवाले किया गया है, जहां से उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पुलिस की ओर से घाटी में चलाए गए सत्यापन अभियान के बाद की गई। अधिकारियों के अनुसार, इस सर्वे के दौरान करीब 600 बांग्लादेशी नागरिक ऐसे मिले, जिन पर क्षेत्र में अवैध रूप से रहने का आरोप है। इन्हीं में से पहले समूह के तौर पर 150 लोगों को पश्चिम बंगाल भेजा गया है।
इन लोगों को कार्रवाई से पहले श्रीनगर पुलिस की निगरानी वाले एक कैंप में रखा गया था। इसके बाद उन्हें विशेष विमान से बागडोगरा पहुंचाया गया। यहां BSF के अधिकारी आगे की दस्तावेजी और प्रत्यावर्तन संबंधी प्रक्रिया संभाल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहचान और नागरिकता से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें निर्धारित सीमा मार्गों से बांग्लादेश भेजा जाएगा।
यह समूह उन सैकड़ों लोगों में शामिल है जिन्हें हाल के सत्यापन अभियान के दौरान अलग-अलग इलाकों से चिन्हित किया गया था। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में इस प्रक्रिया के तहत करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें अधिकांश बांग्लादेशी बताए गए हैं। वहीं घाटी-स्तरीय सर्वे में कथित तौर पर करीब 600 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान होने की जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह कार्रवाई केवल एक चरण तक सीमित नहीं रहेगी। अन्य चिन्हित लोगों को भी सत्यापन और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद अलग-अलग बैच में भेजे जाने की योजना है। 7 अक्टूबर को 150 बांग्लादेशी नागरिकों के एक और समूह को भेजे जाने की बात भी अधिकारियों ने कही थी। इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू नागरिकता और वैध दस्तावेजों की जांच है। प्रशासन की ओर से जिन लोगों को अवैध प्रवासी बताया गया है, उनके दस्तावेजों और रहने की स्थिति का सत्यापन किया जा रहा है। ऐसे मामलों में पहचान सुनिश्चित करने और संबंधित देश से पुष्टि के बाद ही अंतिम प्रत्यावर्तन प्रक्रिया पूरी की जाती है।
इस कार्रवाई के बाद जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और निगरानी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि सत्यापन अभियान आगे भी जारी रह सकता है और बिना वैध दस्तावेजों के पाए जाने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ निर्धारित कानून और प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल 150 बांग्लादेशी नागरिकों को बागडोगरा पहुंचाकर BSF को सौंप दिया गया है। अब आगे की औपचारिकताओं के बाद इन्हें बांग्लादेश भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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