हिमाचल प्रदेश

युवाओं को मिलेगा आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, 500 स्वयंसेवकों को तैयार करने का लक्ष्य

SHIDDHANT
26 Aug 2025 8:16 PM IST
युवाओं को मिलेगा आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, 500 स्वयंसेवकों को तैयार करने का लक्ष्य
x

SOLAN सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में युवाओं को आपदा प्रबंधन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘युवा आपदा मित्र योजना’ के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस योजना की जानकारी सोलन के अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन ने दी। उन्होंने बताया कि यह पहल केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी फ्लैगशिप योजना का हिस्सा है, जिसका मकसद आपदा संभावित क्षेत्रों के युवाओं को प्रशिक्षित कर समाजहित में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना है।अतिरिक्त उपायुक्त के अनुसार, जिले में 500 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र और स्काउट एंड गाइड से जुड़े युवा शामिल होंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए युवाओं की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वे जिले के निवासी या डोमिसाइल होने चाहिए।राहुल जैन ने बताया कि यह प्रशिक्षण सात दिनों का होगा, जिसमें प्रतिभागियों को भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ और आग जैसी आपदाओं से निपटने के लिए व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम का पहला चरण 21 से 27 सितंबर तक नौणी में आयोजित होगा। इसमें करीब 100 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

इस प्रशिक्षण के लिए विशेष संस्थान से प्रशिक्षकों को बुलाया जाएगा। प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के साथ आवश्यक किट और अन्य सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी।एडीसी ने स्पष्ट किया कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क और इन-हाउस होगा। इस दौरान युवाओं को न केवल आपदा प्रबंधन की मूल बातें सिखाई जाएंगी, बल्कि उन्हें आपदा पूर्व तैयारी, भूकंप सुरक्षा, खोज एवं बचाव कार्य, अग्नि सुरक्षा, बाढ़ प्रबंधन, आकाशीय बिजली से बचाव, समुदाय आधारित प्राथमिक उपचार और सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) जैसे महत्वपूर्ण कौशल भी सिखाए जाएंगे।उन्होंने जिले के युवाओं से इस योजना में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भौगोलिक दृष्टि से आपदा संभावित क्षेत्र है, जहां भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ और आगजनी जैसी घटनाएं आम हैं। ऐसे में प्रशिक्षित युवा समाज के लिए एक मजबूत आधार बन सकते हैं और किसी भी आपातकालीन स्थिति में राहत कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण से न केवल युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी, बल्कि राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन तंत्र को भी मजबूती मिलेगी। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवक घटनास्थल पर तुरंत पहुंचकर प्राथमिक राहत और सहायता प्रदान कर सकेंगे, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान और जनहानि को कम किया जा सकेगा। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं को समाज के प्रति सक्रिय और जागरूक नागरिक बनाना है। प्रशिक्षित स्वयंसेवक भविष्य में विभिन्न आपदा प्रबंधन गतिविधियों और सरकारी अभियानों में भी अहम भूमिका निभा सकेंगे।

Next Story