हिमाचल प्रदेश

दून वैली स्कूल में यूथ पार्लियामेंट, छात्रों ने शिक्षा पर की बहस

Kavita2
25 Aug 2026 11:47 AM IST
दून वैली स्कूल में यूथ पार्लियामेंट, छात्रों ने शिक्षा पर की बहस
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नालागढ़। नालागढ़ के दून वैली पब्लिक स्कूल में छात्रों को संसदीय लोकतंत्र की कार्यप्रणाली और नेतृत्व के गुणों से परिचित कराने के उद्देश्य से ‘यूथ पार्लियामेंट मॉनसून सेशन 2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘शिक्षा क्रांति 2026: कल का भारत बनाना’ रखी गई। इसमें विद्यार्थियों ने युवा सांसदों की भूमिका निभाते हुए शिक्षा, राष्ट्र निर्माण और देश के भविष्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा और बहस की।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था, संसदीय परंपराओं और सार्वजनिक विमर्श की व्यावहारिक समझ देना था। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही का अनुकरण करते हुए अपने विचार रखे और अलग-अलग मुद्दों पर तर्क प्रस्तुत किए।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई शुरुआत

यूथ पार्लियामेंट कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव शर्मा, प्रिंसिपल, शिक्षक, जजों के पैनल के सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि लोकतंत्र केवल चुनाव और मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विचारों की स्वतंत्र अभिव्यक्ति, असहमति का सम्मान, तर्कपूर्ण संवाद और जिम्मेदारी की भावना भी महत्वपूर्ण है।

दीप प्रज्ज्वलन के बाद कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई और विद्यार्थियों ने संसदीय सत्र के विभिन्न चरणों का प्रदर्शन किया।

चार सदस्यीय जज पैनल ने किया मूल्यांकन

कार्यक्रम के लिए चार सदस्यीय जज पैनल का गठन किया गया था। इसमें मोहिंदर सिंह, भूमिका आहूजा, प्रशांत रोहता और टीना बेनी शामिल रहे। जजों ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन, तर्क प्रस्तुत करने की क्षमता, विषय की समझ, संवाद शैली और संसदीय प्रक्रियाओं के पालन का आकलन किया।

युवा सांसदों ने सदन में अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं और शिक्षा तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी। बहस के दौरान विद्यार्थियों ने पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिकाओं को प्रभावी ढंग से निभाने की कोशिश की।

आयोजन में विद्यार्थियों को सवाल पूछने, जवाब देने, अपनी बात रखने और विरोधी विचारों का तार्किक जवाब देने का अवसर मिला। इससे उन्हें वास्तविक संसदीय बहस की तरह संवाद करने का अनुभव प्राप्त हुआ।

शिक्षा और राष्ट्र निर्माण पर जोर

‘शिक्षा क्रांति 2026: कल का भारत बनाना’ विषय के जरिए कार्यक्रम में शिक्षा को देश के भविष्य से जोड़कर देखा गया। विद्यार्थियों ने शिक्षा व्यवस्था की भूमिका, युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

बहस के दौरान छात्रों ने यह दिखाने का प्रयास किया कि देश के विकास में शिक्षा की भूमिका केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। शिक्षा नागरिकों में जिम्मेदारी, जागरूकता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समझ विकसित करने का भी माध्यम है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यह अवसर मिला कि वे अपनी सोच को सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुत करें। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने और किसी मुद्दे को अलग-अलग दृष्टिकोण से समझने की क्षमता विकसित करने में मदद मिली।

इंटरैक्टिव मीडिया सेशन भी रहा खास

यूथ पार्लियामेंट में केवल पारंपरिक संसदीय बहस ही नहीं हुई, बल्कि इंटरैक्टिव मीडिया सेशन भी आयोजित किया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को मीडिया और सार्वजनिक संवाद के बीच संबंध को समझने का अवसर मिला।

छात्रों ने सवालों के जवाब दिए और अपने विचार प्रभावी तरीके से सामने रखे। इस दौरान उनकी संचार क्षमता, आत्मविश्वास और तत्काल प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी सामने आई।

आयोजकों के अनुसार, ऐसे सत्र विद्यार्थियों को भविष्य में सार्वजनिक जीवन, प्रशासन, कानून, पत्रकारिता और अन्य क्षेत्रों में बेहतर संवाद करने में मदद कर सकते हैं।

छात्रों में दिखे नेतृत्व और आत्मविश्वास के गुण

कार्यक्रम के दौरान युवा सांसदों ने अपनी प्रस्तुति से नेतृत्व क्षमता और आलोचनात्मक सोच का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखते हुए तथ्यों और तर्कों के आधार पर बहस करने का प्रयास किया।

स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, इस तरह के आयोजन छात्रों में नेतृत्व, निर्णय लेने, टीमवर्क और प्रभावी संवाद जैसे गुण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संसदीय गतिविधियों में भाग लेने से छात्रों को यह समझने का मौका मिलता है कि किसी मुद्दे पर केवल अपनी राय रखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि दूसरे पक्ष को सुनना और उसके तर्क को समझना भी जरूरी है।

राजीव शर्मा ने छात्रों को किया प्रोत्साहित

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव शर्मा ने विद्यार्थियों को नेतृत्व के गुण विकसित करने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने छात्रों से कहा कि नेतृत्व केवल पद हासिल करने का नाम नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी उठाने, सही निर्णय लेने और समाज के प्रति अपनी भूमिका को समझने का नाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति जागरूक रहने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

राजीव शर्मा ने इस तरह के कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, युवा पीढ़ी को देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता की समझ देना शिक्षा का अहम हिस्सा है।

लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करने की पहल

दून वैली पब्लिक स्कूल का यूथ पार्लियामेंट कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए कक्षा से बाहर सीखने का एक अवसर बना। इसमें छात्रों ने संसदीय प्रक्रिया को करीब से समझने के साथ-साथ सार्वजनिक बहस और लोकतांत्रिक संवाद का अनुभव प्राप्त किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने यह भी दिखाया कि युवा पीढ़ी देश के भविष्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी राय रखने के लिए तैयार है।

आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी विद्यार्थियों को नेतृत्व, आलोचनात्मक सोच और जिम्मेदार नागरिकता के लिए तैयार करने में उपयोगी साबित होंगे। ‘शिक्षा क्रांति 2026’ की थीम के साथ आयोजित यह यूथ पार्लियामेंट छात्रों के लिए सीख, संवाद और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रभावी मंच साबित हुआ।

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