- Home
- /
- राज्य
- /
- हिमाचल प्रदेश
- /
- जेठानी की मौत का सदमा...

नादौन। रिश्तों की गहराई और आत्मीयता की एक भावुक कर देने वाली घटना रविवार को बदारन गांव में सामने आई। यहां 70 वर्षीय जेठानी शकुंतला देवी की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। उनकी मौत की खबर सुनकर सदमे में आई 60 वर्षीय देवरानी कमलेश कुमारी काफी देर तक रोती रहीं। इसके करीब एक घंटे के भीतर उनकी भी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी भी जान नहीं बचाई जा सकी। एक ही परिवार की दो महिलाओं की कुछ ही समय के अंतराल में मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे बदारन गांव निवासी 70 वर्षीय शकुंतला देवी पत्नी स्वर्गीय ईश्वर दास की घर पर अचानक तबीयत खराब हो गई। उनकी हालत बिगड़ती देख परिवार के सदस्य तत्काल उन्हें उपचार के लिए नादौन अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच और उपचार का प्रयास किया, लेकिन शकुंतला देवी का निधन हो गया। अचानक हुई इस घटना से परिवार के सदस्य स्तब्ध रह गए। कुछ समय पहले तक घर में सामान्य रूप से मौजूद शकुंतला देवी के इस तरह चले जाने की खबर से रिश्तेदारों और आसपास के लोगों में भी शोक फैल गया।
शकुंतला देवी की मौत की सूचना उनकी देवरानी 60 वर्षीय कमलेश कुमारी पत्नी स्वर्गीय अमर सिंह को दी गई। जेठानी की मौत की खबर सुनते ही कमलेश कुमारी गहरे सदमे में चली गईं।
बताया जा रहा है कि दोनों के बीच बेहद आत्मीय रिश्ता था। शकुंतला देवी के निधन की जानकारी मिलने के बाद कमलेश काफी देर तक रोती रहीं। परिवार के लोग उन्हें संभालने और ढांढस बंधाने का प्रयास करते रहे।
इसी बीच करीब 11:30 बजे कमलेश कुमारी की भी अचानक तबीयत बिगड़ गई। पहले से एक मौत के सदमे में डूबे परिवार में दूसरी महिला की हालत बिगड़ने से अफरा-तफरी मच गई।
परिवार के सदस्य कमलेश को तत्काल नादौन अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उनकी स्थिति देखी, लेकिन उन्हें भी बचाया नहीं जा सका। कमलेश कुमारी की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
सुबह साढ़े दस बजे शकुंतला देवी की तबीयत बिगड़ी थी और करीब एक घंटे बाद उनकी देवरानी कमलेश की हालत भी खराब हो गई। कुछ ही समय के अंतराल में परिवार ने दो वरिष्ठ सदस्यों को खो दिया।
दोनों महिलाओं के पति पहले ही दुनिया से जा चुके थे। शकुंतला देवी स्वर्गीय ईश्वर दास की पत्नी थीं, जबकि कमलेश कुमारी स्वर्गीय अमर सिंह की पत्नी थीं। परिवार में दोनों का रिश्ता जेठानी और देवरानी का था, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक उनके बीच आपसी जुड़ाव बेहद मजबूत था।
घटना की जानकारी गांव में फैलते ही लोग परिवार के घर पहुंचने लगे। एक ही दिन और लगभग एक ही समय में परिवार की दो महिलाओं की मौत की खबर ने हर किसी को भावुक कर दिया।
बदारन गांव में रविवार का दिन शोक में बदल गया। जहां पहले परिवार शकुंतला देवी की मौत के दुख को समझने और संभालने की कोशिश कर रहा था, वहीं कुछ ही देर बाद कमलेश की मौत की खबर ने सदमे को दोगुना कर दिया।
स्थानीय लोगों के बीच दोनों महिलाओं के आपसी रिश्ते की भी चर्चा होती रही। वर्षों तक एक ही परिवार में सुख-दुख साझा करते हुए दोनों के बीच गहरा भावनात्मक जुड़ाव बन गया था। परिवार में आने वाली खुशियों और परेशानियों में दोनों एक-दूसरे का सहारा रही थीं।
जेठानी की मौत की सूचना मिलने पर कमलेश का लगातार रोना इस भावनात्मक जुड़ाव को दिखाता है। इसके कुछ समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ने और मौत होने से परिजन भी स्तब्ध हैं।
हालांकि कमलेश की तबीयत बिगड़ने का चिकित्सकीय कारण क्या था, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए उनकी मौत को केवल सदमे से जोड़कर चिकित्सकीय निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इतना जरूर है कि जेठानी की मौत की सूचना मिलने के बाद वह बेहद दुखी थीं और कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई।
बुजुर्ग व्यक्तियों में अचानक तबीयत बिगड़ने के पीछे कई चिकित्सकीय कारण हो सकते हैं। अत्यधिक भावनात्मक तनाव भी शरीर पर असर डाल सकता है, लेकिन किसी विशेष मामले में मौत का वास्तविक कारण चिकित्सकीय जांच से ही निर्धारित किया जा सकता है।
परिवार के लिए इस घटना को स्वीकार करना बेहद कठिन है। कुछ ही घंटों के भीतर अंतिम संस्कार और शोक की तैयारियां दो सदस्यों के लिए करनी पड़ीं। रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
गांव के लोगों का कहना है कि दोनों महिलाओं के बीच सामान्य जेठानी-देवरानी के रिश्ते से कहीं अधिक अपनापन था। दोनों परिवार के मामलों में एक-दूसरे से सलाह करती थीं और लंबे समय से साथ रहकर सुख-दुख साझा करती आई थीं।
इस घटना ने गांव में रिश्तों के भावनात्मक पक्ष की चर्चा भी शुरू कर दी। कई लोगों ने इसे ऐसा संयोग बताया जिसने पूरे गांव को दुखी कर दिया।
घर के बुजुर्ग सदस्य परिवार की परंपराओं और स्मृतियों की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। एक ही दिन परिवार की दो वरिष्ठ महिलाओं का निधन होने से उनके बच्चों और अन्य परिजनों के लिए यह अपूरणीय क्षति बन गई है।
रविवार सुबह तक जिस परिवार में सब कुछ सामान्य था, वहां कुछ घंटों के भीतर परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं। पहले शकुंतला देवी की अचानक तबीयत खराब हुई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उनके निधन की सूचना के बाद कमलेश कुमारी गहरे दुख में डूब गईं और करीब 11:30 बजे उनकी भी तबीयत बिगड़ गई।
दोनों को बचाने के लिए परिजन अस्पताल पहुंचे, लेकिन कुछ ही समय के अंतराल में दोनों की मौत हो गई। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से परिवार ही नहीं बल्कि पूरे बदारन गांव में मातम पसरा हुआ है।
अब गांव में दोनों महिलाओं के बीच रहे गहरे रिश्ते और साथ बिताए वर्षों को याद किया जा रहा है। जेठानी और देवरानी की कुछ ही समय के अंतराल में हुई मौत ने हर किसी को भावुक कर दिया।





