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हिमाचल प्रदेश
Himachal; में बदलेगा मौसम का मिजाज, भारी ठंड के बीच बारिश बर्फबारी की चेतावनी
Ratna Netam
28 Oct 2026 3:11 PM IST

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शिमला : 28 अक्टूबर 2026। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। प्रदेश में 29 अक्टूबर से बारिश और बर्फबारी का नया दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 29 और 30 अक्टूबर को राज्य के कई जिलों में आंधी-तूफान, गरज-चमक और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी होने के आसार हैं। मौसम में इस बदलाव से तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग ने लोगों और पर्यटकों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
29 अक्टूबर से बदलेगा हिमाचल का मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 29 अक्टूबर से मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ और मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से प्रदेश के मैदानी तथा मध्य पर्वतीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में हिमपात होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्टूबर के लिए गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और बर्फबारी के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में ठंड बढ़ सकती है। विशेष रूप से सुबह और रात के समय तापमान में गिरावट महसूस होगी।मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती प्रणाली सहित मौसमी बदलावों का असर हिमाचल के मौसम पर भी पड़ सकता है। हालांकि, इस दौरान व्यापक स्तर पर भारी बारिश या भारी बर्फबारी का अनुमान नहीं है।
इन पांच जिलों में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर के लिए हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।इनमें कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिले शामिल हैं। इन जिलों में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।वहीं 30 अक्टूबर को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में आंधी-तूफान तथा बिजली गिरने का येलो अलर्ट रहेगा।मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि येलो अलर्ट का उद्देश्य संभावित खराब मौसम को लेकर लोगों को सतर्क करना है। इस दौरान खुले स्थानों, ऊंचाई वाले क्षेत्रों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
लाहौल-स्पीति और किन्नौर में बर्फबारी के आसार
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना ने ठंड बढ़ने के संकेत दे दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हो सकती है।चंबा जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी हिमपात की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में पहले से ही रात के समय तापमान शून्य डिग्री के आसपास या उससे नीचे पहुंच रहा है।बर्फबारी होने की स्थिति में पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है। विशेष रूप से ऊंचे दर्रों और दूरदराज के क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए।हालांकि, मौसम विभाग ने अभी इन क्षेत्रों में भारी हिमपात की चेतावनी नहीं दी है।
कुकुमसेरी में माइनस 2.5 डिग्री पहुंचा तापमान
प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड का असर पहले से दिखाई देने लगा है। हाल के मौसम आंकड़ों के अनुसार, लाहौल-स्पीति जिले का कुकुमसेरी सबसे ठंडे स्थानों में शामिल रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।इसी तरह केलांग में न्यूनतम तापमान माइनस 0.4 डिग्री, ताबो में 0.3 डिग्री और कल्पा में 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।पर्यटन नगरी मनाली में न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि शिमला में 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।आने वाले दिनों में बारिश और बर्फबारी के कारण इन क्षेत्रों में तापमान और गिर सकता है। ऐसे में स्थानीय लोगों को ठंड से बचाव की तैयारियां करने की आवश्यकता पड़ सकती है।
बारिश-बर्फबारी से तीन से चार डिग्री गिर सकता है तापमान
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में फिलहाल दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक बना हुआ है। निचले क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है।मध्य पर्वतीय इलाकों में तापमान लगभग 20 से 26 डिग्री और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 15 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।लेकिन 29 अक्टूबर से संभावित बारिश और बर्फबारी के बाद दिन के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है।इससे शिमला, मनाली, धर्मशाला, कुल्लू और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड का असर बढ़ सकता है।
किसानों और बागवानों की बढ़ सकती है चिंता
प्रदेश में मौसम बदलने से खेती-किसानी और बागवानी से जुड़े लोगों पर भी असर पड़ सकता है। हिमाचल में सेब उत्पादन के साथ सब्जियों और अन्य फसलों की खेती बड़ी संख्या में किसान करते हैं।बारिश के कारण खेतों में चल रहे कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं। वहीं तेज हवा और ओलावृष्टि जैसी परिस्थितियां बनने पर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। हालांकि, मौजूदा चेतावनी में व्यापक ओलावृष्टि की पुष्टि नहीं की गई है।कृषि विशेषज्ञ आमतौर पर किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार सिंचाई, फसल कटाई और अन्य कार्यों की योजना बनाने की सलाह देते हैं।बागवानों के लिए भी बदलते मौसम की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि वे अपने बगीचों और पौधों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा सकें।
पर्यटकों को पहाड़ी इलाकों में सतर्क रहने की सलाह
हिमाचल प्रदेश में मौसम बदलने के साथ पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। शिमला, मनाली, कुफरी, सोलंग वैली और लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों में घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों को मौसम के ताजा अपडेट पर ध्यान देना चाहिए।बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर दृश्यता कम हो सकती है और फिसलन बढ़ सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने पर कुछ मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होने की संभावना रहती है।यात्रियों को गर्म कपड़े साथ रखने, खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
31 अक्टूबर के बाद मौसम में सुधार की संभावना
मौसम विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को बारिश-बर्फबारी तथा आंधी-तूफान का असर अधिक रहने की संभावना है।31 अक्टूबर से मौसम में सुधार हो सकता है। हालांकि, कुछ पूर्वानुमानों में पहाड़ी क्षेत्रों में छिटपुट बारिश-बर्फबारी की संभावना बनी रहने की बात कही गई है।एक नवंबर को अधिकांश इलाकों में मौसम साफ होने की उम्मीद है। इसके बाद धूप खिलने से दिन के तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है।फिलहाल, मौसम विभाग ने लोगों से 29 और 30 अक्टूबर के दौरान सावधानी बरतने तथा आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर रखने की अपील की है।
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