हिमाचल प्रदेश

7 जिलों में मौसम का रेड अलर्ट, सतर्क रहने की सलाह

Saba Naaz
28 July 2026 6:38 PM IST
7 जिलों में मौसम का रेड अलर्ट, सतर्क रहने की सलाह
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर चिंता का कारण बन गया है। प्रदेश में अगले 24 घंटों के लिए भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही भूस्खलन और फ्लैश फ्लड यानी अचानक आने वाली बाढ़ का खतरा भी बताया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार 30 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश जारी रह सकती है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों में बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने, सड़कें बंद होने और भूस्खलन की घटनाओं की आशंका जताई गई है।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आपदा की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने तथा लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा है।

सिरमौर जिले के नाहन उपमंडल में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए 29 जुलाई को सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों के पास न जाएं।

प्रदेश के कई इलाकों में बारिश से नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं। चंबा जिले में सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिला है। यहां भडियाड़ और ओबड़ी मोहल्ले में नाले उफान पर आने से पानी और मलबा लोगों के घरों में घुस गया। अचानक आई आपदा के कारण कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। स्थानीय लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।

चंबा में 50 से अधिक घरों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। वहीं भडियाड़ क्षेत्र में हुए भूस्खलन के कारण करीब 10 वाहन मलबे में दब गए। सड़क मार्ग प्रभावित होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेशभर में 108 मुख्य और संपर्क सड़कें बंद होने की जानकारी दी गई है।

हमीरपुर जिले में भी बारिश का असर देखने को मिला है। बस्सी से तताहर सड़क पर वैकल्पिक मार्ग टूटने के कारण एक वाहन सीर खड्ड में फंस गया। प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने में जुटी हैं।

मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है।

मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में हर साल भूस्खलन, बादल फटने और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले 24 घंटे प्रदेश के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

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