हिमाचल प्रदेश

Una में 5 साल की बच्ची के खिलाफ हिंसा, आरोपी पूर्व सैनिक

Ratna Netam
6 April 2026 4:05 PM IST
Una में 5 साल की बच्ची के खिलाफ हिंसा, आरोपी पूर्व सैनिक
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: Una में एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने 5 साल की बच्ची को बांधकर मारपीट करने के आरोप में एक पूर्व सैनिक के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना ने इलाके में चिंता और आक्रोश दोनों पैदा कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, बच्ची के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने बच्ची को घर में बांधकर मारपीट की। पीड़ित बच्ची के माता-पिता ने बताया कि यह घटना उनके लिए बेहद दुखद और तनावपूर्ण रही। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और मामले की जांच की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में आरोपी के पिछले रिकॉर्ड और घटनास्थल के आसपास के साक्ष्यों को इकट्ठा किया जा रहा है। स्थानीय समुदाय में यह खबर फैलते ही लोगों में चिंता और गुस्सा देखा गया। पड़ोसी और ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच की अपील की। बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सामाजिक संगठनों ने भी हस्तक्षेप किया और प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर पुलिस कार्रवाई और दोषियों को सजा देना अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल पीड़ित बच्चों को न्याय मिलेगा बल्कि समाज में भी चेतना और सुरक्षा का संदेश जाएगा।
ऊना पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि बच्ची की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है। पीड़ित परिवार को सहयोग और सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। साथ ही, बच्ची के चिकित्सीय और मानसिक स्वास्थ्य की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत दें और किसी भी तरह के साजिश या हिंसा के संकेत को नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा कि बाल सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। कुल मिलाकर, ऊना में 5 साल की बच्ची के साथ हुई हिंसा का मामला गंभीर चिंता का विषय है। पूर्व सैनिक पर लगे आरोपों की जांच के साथ ही प्रशासन और पुलिस का ध्यान बाल सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। यह घटना बच्चों के अधिकारों और समाज में उनकी सुरक्षा के महत्व को दोबारा उजागर करती है।
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