हिमाचल प्रदेश

वायनाड से आई बेहद दुखद खबर! हिमाचल के विक्रम राणा को लेकर खत्म हुई हर उम्मीद

Saba Naaz
12 July 2026 6:27 PM IST
वायनाड से आई बेहद दुखद खबर! हिमाचल के विक्रम राणा को लेकर खत्म हुई हर उम्मीद
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केरल: वायनाड में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। आपदा के बाद से पिछले छह दिनों से लापता चल रहे हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के 50 वर्षीय इंजीनियर विक्रम सिंह राणा का शव रविवार दोपहर को बचाव दलों द्वारा बरामद कर लिया गया है। इस दर्दनाक सूचना के मिलते ही विक्रम सिंह राणा के सकुशल घर लौटने की उम्मीदें पूरी तरह से टूट गईं, जिससे उनके पैतृक क्षेत्र फतेहपुर और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

विक्रम सिंह राणा हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के अंतर्गत आने वाले फतेहपुर उपमंडल की पंचायत टकोली घिरथा के सुरेला गांव के निवासी थे। वह डीबीएल (Dilip Buildcon Limited) कंपनी में बतौर इंजीनियर कार्यरत थे और पेशेवर सिलसिले में केरल के वायनाड में तैनात थे। वायनाड में अचानक आई भीषण प्राकृतिक त्रासदी (लैंडस्लाइड) की चपेट में आने के बाद से ही वह लापता हो गए थे। छह दिनों तक चले गहन खोज अभियान के बाद आखिरकार रविवार को उनका पार्थिव शरीर बरामद हुआ। जैसे ही यह खबर उनके पैतृक गांव पहुंची, वहां मातम पसर गया। बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और रिश्तेदार शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहे हैं।

वायनाड में तबाही के तुरंत बाद, 8 जुलाई को विक्रम सिंह राणा के दोनों भाई, कुलवंत सिंह और प्रमोद राणा, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केरल पहुंच गए थे। दोनों भाई लगातार वहां के स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) सहित अन्य बचाव एजेंसियों के संपर्क में बने हुए थे। वे खुद हर पल बचाव और खोज अभियान (Search Operation) पर नजर रखे हुए थे। केरल सरकार और विभिन्न रेस्क्यू टीमों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में लगातार छह दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद रविवार दोपहर को विक्रम सिंह का शव मलबे से निकाला जा सका।

शव बरामद होने के बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा आवश्यक कानूनी और चिकित्सीय प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। वर्तमान में शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। प्रशासनिक औपचारिकताओं और कागजी कार्रवाई को पूरा करने के बाद विक्रम सिंह राणा की पार्थिव देह को विमान या सड़क मार्ग के माध्यम से सोमवार तक उनके पैतृक गांव टकोली घिरथा (सुरेला) लाए जाने की पूरी उम्मीद है, जहां पूरे राजकीय या धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

इस बेहद कठिन और दुखद घड़ी में भी विक्रम सिंह राणा के परिवार ने संयम का परिचय दिया है। पीड़ित परिवार और उनके भाइयों ने आपदा के समय में मुस्तैदी से काम करने के लिए केरल सरकार, वहां के स्थानीय जिला प्रशासन, पुलिस महकमे और दिन-रात खोज कार्य में जुटे रहे सभी बचाव दलों (रेस्क्यू टीमों) का दिल से आभार व्यक्त किया है। परिवार का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद प्रशासन और बचाव दलों ने उनके भाई को ढूंढने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

इस दुखद घटना ने न केवल एक परिवार के चिराग को बुझा दिया, बल्कि फतेहपुर क्षेत्र ने भी अपने एक होनहार और कर्मठ इंजीनियर को हमेशा के लिए खो दिया है। संपूर्ण इलाका इस समय गहरे सदमे और शोक में डूबा हुआ है।

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