हिमाचल प्रदेश

बेमौसम बारिश, Kangra में गेहूं की फसल खतरे में

Ratna Netam
10 April 2026 5:41 PM IST
बेमौसम बारिश, Kangra में गेहूं की फसल खतरे में
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा जिले में बेमौसम बारिश और खराब मौसम के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। गेहूं की फसल जो इस समय पकने की अवस्था में है, वह भारी बारिश और ठंड के कारण नुकसान का सामना कर सकती है। स्थानीय प्रशासन और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने और फसल की रक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
कांगड़ा जिले के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बेमौसम बारिश अनिश्चित मौसम के चलते हो रही है और अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है। किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं के पौधे फसल की तैयार अवस्था में हैं और ज्यादा बारिश और ओस से उनकी पैदावार प्रभावित हो सकती है।
कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि अधिक नमी और ठंड के कारण गेहूं में फफूंदी और रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने किसानों को निर्देश दिया है कि वे अपने खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करें और जरूरत पड़ने पर फफूंदीरोधी दवाओं का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बेमौसम बारिश और ठंड का यह दौर लंबा चला, तो फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
कांगड़ा जिले के कृषि विभाग ने किसानों के लिए हेल्पलाइन और तकनीकी मदद उपलब्ध कराई है। विभाग के अधिकारी नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं और फसल की सुरक्षा के लिए सुझाव दे रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे बिना विशेषज्ञ सलाह के किसी भी तरह के रासायनिक उपचार का प्रयोग न करें और प्राकृतिक तरीके से फसल की देखभाल करें।
स्थानीय किसान भी मौसम की अनिश्चितता से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल गेहूं की फसल में निवेश अधिक किया गया है और अगर नुकसान हुआ तो आर्थिक नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है। कई किसान अपने खेतों में पानी के निकासी के लिए अस्थायी नालियां बना रहे हैं और फसल की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठा रहे हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे में कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में बारिश और हवाओं की संभावना बनी हुई है। विभाग ने किसानों और आम जनता से सतर्क रहने और मौसम अपडेट लगातार देखने की सलाह दी है।
कांगड़ा जिले में गेहूं की फसल हिमाचल की अर्थव्यवस्था और स्थानीय जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। किसान और प्रशासन दोनों इस समय सतर्क हैं और फसल की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि किसानों को फसल सुरक्षा के लिए सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि नुकसान कम से कम हो।
इस तरह बेमौसम बारिश और खराब मौसम ने कांगड़ा के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। फसल की सुरक्षा और नुकसान को कम करने के लिए प्रशासन, कृषि विभाग और किसान मिलकर प्रयास कर रहे हैं। इस मौसमीय चुनौती का सामना करने के लिए सभी सतर्क हैं और किसानों को उम्मीद है कि समय रहते उपाय अपनाने से उनकी फसल सुरक्षित रहेगी।
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