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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली-सिमेट्री इलाके में बन रही अंडरग्राउंड ट्विन टनल परियोजना को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। टनल के ऊपर स्थित कई घरों में दरारें और अन्य नुकसान सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनी को दी गई ब्लास्टिंग की अनुमति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है।यह फैसला सोमवार को शिमला के डिप्टी कमिश्नर (DC) अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में प्रभावित क्षेत्र के निवासियों की समस्याओं पर चर्चा की गई और घरों को हुए नुकसान, सुरक्षा उपायों तथा टनल निर्माण को सुरक्षित तरीके से पूरा करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
घरों में दरारों के बाद प्रशासन ने उठाया कदम
संजौली-सिमेट्री इलाके में टनल निर्माण के चलते आसपास के घरों में दरारें आने की शिकायतें सामने आई थीं। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य से संभावित नुकसान और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।प्रशासन ने लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और परियोजना से जुड़े पक्षों के साथ बैठक की। इसके बाद ब्लास्टिंग की अनुमति को रोकने का निर्णय लिया गया।
NHAI ने दी निर्माण स्थिति की जानकारी
बैठक के दौरान नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों ने प्रशासन को जानकारी दी कि टनल निर्माण के लिए वर्तमान समय में किसी तरह की ब्लास्टिंग नहीं की जा रही है।हालांकि, प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए पहले से जारी ब्लास्टिंग अनुमति को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है।
प्रभावित परिवारों की समस्याओं पर चर्चा
डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रभावित इलाके के निवासियों की समस्याओं को सुना गया। लोगों ने घरों में आई दरारों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर अपनी बात रखी।बैठक में क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत, नुकसान का आकलन और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के उपायों पर चर्चा की गई।
सुरक्षित तरीके से पूरा होगा टनल प्रोजेक्ट
प्रशासन ने कहा कि टनल परियोजना महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।निर्माण कार्य को तकनीकी मानकों और सुरक्षा नियमों के अनुसार पूरा करने पर जोर दिया गया है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों को भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
तकनीकी जांच और निगरानी पर जोर
घरों में आई दरारों के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जरूरत पर भी चर्चा हुई। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि निर्माण गतिविधियों से आसपास के मकानों और लोगों की सुरक्षा प्रभावित न हो।विशेषज्ञों की राय और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।
स्थानीय लोगों में बनी थी चिंता
टनल निर्माण के ऊपर बने घरों में नुकसान की शिकायतों के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल था। लोगों का कहना था कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाना चाहिए।प्रशासन के इस फैसले के बाद प्रभावित लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
ब्लास्टिंग अनुमति निलंबन का उद्देश्य
प्रशासन का कहना है कि ब्लास्टिंग अनुमति को निलंबित करने का उद्देश्य स्थिति की समीक्षा करना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह कदम किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए एहतियाती तौर पर उठाया गया है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल प्रशासन, NHAI और परियोजना से जुड़े अधिकारियों के बीच समन्वय के साथ आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। प्रभावित घरों की स्थिति, सुरक्षा उपायों और टनल निर्माण की प्रगति की लगातार निगरानी की जाएगी।शिमला का यह ट्विन टनल प्रोजेक्ट यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, लेकिन अब प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि परियोजना को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाते हुए स्थानीय लोगों की चिंताओं का समाधान किया जाए।
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