हिमाचल प्रदेश

Una: एसडीएम ऑफिस में धरने की चेतावनी, पूर्व मंत्री कंवर नाराज

Admindelhi1
3 Nov 2025 9:37 AM IST
Una: एसडीएम ऑफिस में धरने की चेतावनी, पूर्व मंत्री कंवर नाराज
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ऊना: प्रदेश में बढ़ती वारदातों और असामाजिक गतिविधियों को लेकर राष्ट्रीय वॉलीबाल फेडरेशन के अध्यक्ष, पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता वीरेंद्र कंवर ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।

वीरेंद्र कंवर ने कहा कि हाल ही में ऊना जिले के अंब क्षेत्र में घटी हत्या की घटना इस बात का ताज़ा उदाहरण है कि प्रदेश में अपराधियों पर कोई अंकुश नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई जिलों में असामाजिक तत्व जघन्य अपराधों में लिप्त पाए जा रहे हैं, लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

उन्होंने बताया कि कुटलैहड़ के बंगाणा में पिछले दिनों एक दलित युवक पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें उसे गंभीर चोटें आईं, लेकिन अब तक आरोपियों पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि दलित समाज के साथ ऐसा व्यवहार निंदनीय है और यह प्रदेश में कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

कंवर ने आगे कहा कि जिला ऊना में गोलीबारी और फिरौती की घटनाएं अब आम हो चुकी हैं, जिससे लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में कांग्रेस विधायक के कार्यकाल में खनन माफिया और चिट्टा माफिया जैसे गिरोह पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं, जिससे आम जनता त्रस्त है।

उन्होंने बताया कि दीवाली के दिन बंगाणा बाजार में असामाजिक तत्वों द्वारा की गई मारपीट और हुड़दंग इसका ताजा उदाहरण है, जबकि प्रशासन तमाशबीन बना रहा। पूर्व मंत्री ने कहा कि अब हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सरकारी अधिकारियों तक के साथ दुर्व्यवहार और सार्वजनिक रूप से गले पकड़ने जैसी घटनाएं हो रही हैं, जिसके चलते अधिकारी पेन डाउन हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए हैं और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

वीरेंद्र कंवर ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे स्वयं एसडीएम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने में सरकार नाकाम रहती है, तो इससे होने वाली असुविधा की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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