- Home
- /
- राज्य
- /
- हिमाचल प्रदेश
- /
- दो भाइयों ने निजी खर्च...
दो भाइयों ने निजी खर्च पर खुलवाई सड़क पांच पंचायतों के हजारों लोगों को मिली राहत

जोगेंद्रनगर। उपमंडल की ग्राम पंचायत बघैर रकतल के उपप्रधान विजय कुमार और उनके बड़े भाई संजीव कुमार ने जनहित में सराहनीय पहल की है। बरसात के कारण करीब दो महीने से बंद पड़े चघेड़-बनगोटा से मोल्थरी चौक गलू मार्ग को दोनों भाइयों ने अपने निजी खर्च पर जेसीबी मशीन लगवाकर यातायात के लिए बहाल करा दिया। सड़क से मलबा हटाए जाने के बाद क्षेत्र की पांच पंचायतों के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण चघेड़-बनगोटा से मोल्थरी चौक गलू जाने वाली सड़क पर कई स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा आ गया था। मिट्टी और पत्थर जमा होने के कारण मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया था। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों का संपर्क प्रभावित हो रहा था और उन्हें अपने दैनिक कामों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
यह मार्ग आसपास की पांच पंचायतों के निवासियों के लिए आवाजाही का प्रमुख साधन बताया जा रहा है। सड़क बंद होने के कारण हजारों लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही थी। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों, कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों और नियमित रूप से इस रास्ते का उपयोग करने वाले स्थानीय निवासियों को हो रही थी। उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही थी।
उपप्रधान विजय कुमार ने बताया कि भारी बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह मलबा आ गया था। इसके चलते मार्ग पूरी तरह ठप हो गया और करीब दो महीने तक वाहनों की आवाजाही सामान्य नहीं हो सकी। लंबे समय तक सड़क बंद रहने के कारण ग्रामीणों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही थी। स्थानीय लोग मार्ग को जल्द खुलवाने की आवश्यकता महसूस कर रहे थे।
लोगों की परेशानी को देखते हुए उपप्रधान विजय कुमार और उनके बड़े भाई संजीव कुमार ने खुद आगे बढ़कर सड़क बहाल कराने का निर्णय लिया। दोनों भाइयों ने रविवार को अपने निजी खर्च पर जेसीबी मशीन मंगवाई। मशीन की सहायता से सड़क पर जमा मिट्टी, पत्थर और अन्य मलबे को हटाने का काम शुरू कराया गया। लगातार प्रयास के बाद मार्ग को यातायात योग्य बना दिया गया।
सड़क से मलबा हटाए जाने के बाद वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई। इससे पांच पंचायतों के निवासियों को राहत मिली है। अब विद्यार्थी स्कूल पहुंच सकेंगे, कर्मचारी अपने कार्यालयों तक जा सकेंगे और स्थानीय लोगों को आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने में पहले जैसी कठिनाई नहीं होगी। लंबे समय से बंद रास्ता खुलने के कारण ग्रामीणों में संतोष दिखाई दिया।
करीब दो महीने से बंद सड़क ने स्थानीय लोगों के सामने कई व्यावहारिक समस्याएं पैदा कर दी थीं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और दैनिक जरूरतों तक पहुंच का प्रमुख आधार भी होती हैं। मुख्य मार्ग बाधित होने पर विद्यार्थियों की पढ़ाई से लेकर कर्मचारियों के कामकाज तक पर असर पड़ता है। स्थानीय निवासियों को भी अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है।
ऐसी स्थिति में विजय कुमार और संजीव कुमार की पहल ने लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई। दोनों भाइयों ने सड़क खुलवाने के लिए निजी खर्च उठाया और जेसीबी मशीन की व्यवस्था की। स्थानीय निवासियों के अनुसार, उनके प्रयास से उस समस्या का समाधान हुआ, जिससे हजारों लोग लंबे समय से प्रभावित थे। ग्रामीणों ने इसे जनहित से जुड़ा सराहनीय कदम बताया है।
स्थानीय लोगों ने ग्राम पंचायत के उपप्रधान विजय कुमार और उनके बड़े भाई संजीव कुमार का आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों भाइयों ने लोगों की परेशानी को समझते हुए जिम्मेदारी के साथ काम किया। सड़क बहाल होने से अब क्षेत्र के निवासियों की आवाजाही सुचारू हो गई है। पांच पंचायतों के लोगों को जोड़ने वाला यह मार्ग खुलने से दैनिक कामकाज भी सामान्य होने की उम्मीद है।
बरसात के मौसम में पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर मलबा आने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। तेज बारिश के कारण मिट्टी और पत्थर सड़क पर गिरने से रास्ते बाधित हो जाते हैं। ऐसे में प्रभावित मार्गों को जल्द साफ करना जरूरी होता है, क्योंकि लंबे समय तक यातायात बंद रहने से ग्रामीणों की शिक्षा, रोजगार और सामान्य जीवन प्रभावित हो सकता है।
चघेड़-बनगोटा से मोल्थरी चौक गलू मार्ग को बहाल करने के लिए की गई यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बनी है। सरकारी सहायता की प्रतीक्षा किए बिना दोनों भाइयों ने अपने स्तर पर संसाधन जुटाकर काम पूरा कराया। हालांकि सड़क को हुए नुकसान और भविष्य में स्थायी मरम्मत की आवश्यकता के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल जेसीबी मशीन से मलबा हटाए जाने के बाद मार्ग को यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है। करीब दो महीने बाद सड़क पर आवाजाही बहाल होने से पांच पंचायतों के हजारों लोगों को राहत मिली है। स्थानीय निवासियों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी रास्ते की स्थिति पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि बारिश के दौरान सड़क बंद होने से लोगों को दोबारा लंबी परेशानी का सामना न करना पड़े।





