हिमाचल प्रदेश

पंडोह बाईपास-टकोली प्रोजेक्ट की टनलों का ट्रायल सफल, चार दिन में यातायात शुरू होने की उम्मीद

Kavita2
7 Sept 2026 3:09 PM IST
पंडोह बाईपास-टकोली प्रोजेक्ट की टनलों का ट्रायल सफल, चार दिन में यातायात शुरू होने की उम्मीद
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मंडी। कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना के तहत पंडोह बाईपास-टकोली प्रोजेक्ट के प्रवेश द्वार पर बनी महत्वपूर्ण टनलों का वाहनों की आवाजाही के लिए ट्रायल सफल रहा। सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के बोर्ड सदस्य विपनेश शर्मा की मौजूदगी में दयोड़ से हणोगी के बीच बनी टनलों में यातायात संचालन का परीक्षण किया गया। ट्रायल के सफल रहने के बाद अब अगले चार दिनों में यहां यातायात पूरी तरह सुचारू होने की उम्मीद है।

ट्रायल के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने टनल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से परियोजना की स्थिति तथा यातायात शुरू करने को लेकर जानकारी ली। टनलों के खुलने से मंडी से कुल्लू और मनाली की ओर जाने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

2600 करोड़ के प्रोजेक्ट का प्रवेश द्वार तैयार

पंडोह बाईपास-टकोली परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2600 करोड़ रुपये बताई गई है। परियोजना के तहत कुल 10 टनल का निर्माण किया गया है। दयोड़ से हणोगी तक बनी चार टनलों को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रवेश द्वार माना जा रहा है।

इन टनलों के माध्यम से वाहन चालकों को ऐसे कई संवेदनशील और जोखिम वाले पहाड़ी हिस्सों से गुजरने की जरूरत कम होगी, जहां बारिश और भूस्खलन के दौरान यातायात प्रभावित होता रहा है। परियोजना का उद्देश्य मंडी से कुल्लू और आगे मनाली तक सड़क संपर्क को अधिक सुगम, सुरक्षित और तेज बनाना है।

फिलहाल एक साइड की दो टनल खुलेंगी

दयोड़ से हणोगी के बीच बनी चार टनलों में से फिलहाल एक साइड की दो टनलों को यातायात के लिए खोला जाएगा। इन दोनों टनलों की लंबाई करीब 2.8 किलोमीटर और 700 मीटर है। सोमवार को इन्हीं टनलों में वाहनों की आवाजाही का ट्रायल किया गया।

ट्रायल के दौरान टनल के भीतर वाहनों के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तकनीकी पहलुओं को परखा गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि आम वाहनों के लिए टनल खोलने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी हों। ट्रायल सफल होने के बाद अब अंतिम स्तर की तैयारियों को पूरा किया जा रहा है।

चार दिन में शुरू हो सकता है नियमित यातायात

एनएचएआई अधिकारियों की मौजूदगी में हुए ट्रायल के बाद यातायात बहाली को लेकर उम्मीद बढ़ी है। अधिकारियों के अनुसार, अगले चार दिनों में टनल को आम यातायात के लिए सुचारू किया जा सकता है। हालांकि, अंतिम रूप से यातायात शुरू करने से पहले सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी पहलुओं की जांच पूरी की जाएगी।

टनल के खुलने से कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर सफर करने वाले वाहन चालकों को काफी सुविधा मिलेगी। खासकर भारी वाहनों और पर्यटक वाहनों के लिए यह मार्ग अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकता है।

जयराम ठाकुर ने लिया टनल का जायजा

ट्रायल के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने टनल के भीतर जाकर स्थिति का जायजा लिया और एनएचएआई अधिकारियों से परियोजना की प्रगति के बारे में जानकारी ली।

इस दौरान उन्होंने यातायात बहाली और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। टनल के शुरू होने से मंडी और कुल्लू के बीच यात्रा में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से गुजरने की जरूरत कम होने के कारण यात्रियों की सुरक्षा भी बेहतर होगी।

बारिश और भूस्खलन से मिलेगी राहत

मंडी-कुल्लू मार्ग का बड़ा हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण यातायात बाधित होता रहा है। ऐसे में टनल का निर्माण वैकल्पिक और अपेक्षाकृत सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराता है।

दयोड़ से हणोगी के बीच टनलों से यातायात शुरू होने के बाद वाहनों को संवेदनशील पहाड़ी हिस्सों से बचाकर निकाला जा सकेगा। इससे बारिश के मौसम में यात्रियों के लिए जोखिम कम होने की उम्मीद है।

पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी फायदा

कीरतपुर-मनाली फोरलेन हिमाचल प्रदेश के पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। कुल्लू और मनाली आने वाले पर्यटकों की बड़ी संख्या सड़क मार्ग से ही पहुंचती है। टनलों के खुलने से यात्रा सुगम होने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

यात्रा समय कम होने से पर्यटक अधिक आसानी से मंडी से कुल्लू और मनाली की ओर पहुंच सकेंगे। इसके अलावा फल-सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों की ढुलाई में भी समय की बचत हो सकती है। इससे स्थानीय कारोबारियों और परिवहन क्षेत्र को फायदा मिलने की उम्मीद है।

10 टनलों से बदलेगा सफर का स्वरूप

पंडोह बाईपास-टकोली प्रोजेक्ट में कुल 10 टनल बनाई गई हैं। परियोजना के पूरा होने के बाद मंडी से कुल्लू तक सड़क यात्रा का स्वरूप काफी बदलने की उम्मीद है। लंबे और जोखिमपूर्ण पहाड़ी हिस्सों को टनल और आधुनिक फोरलेन सड़क के माध्यम से पार किया जा सकेगा।

परियोजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यात्रा का समय कम करने के साथ सड़क को सुरक्षित बनाना भी है। इसके तहत टनल, पुल और फोरलेन सड़क का निर्माण किया गया है। दयोड़-हणोगी की टनलों का खुलना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों को भी बड़ी राहत

टनलों के शुरू होने से केवल पर्यटकों और लंबी दूरी के यात्रियों को ही लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि मंडी और कुल्लू के बीच रोजाना आवागमन करने वाले स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी। व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े कार्यों के लिए दोनों जिलों के बीच आने-जाने वालों का समय बचेगा।

फिलहाल सोमवार को हुआ ट्रायल सफल रहने के बाद लोगों की नजर अगले कुछ दिनों में होने वाली यातायात बहाली पर है। यदि अंतिम सुरक्षा जांच और अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो अगले चार दिनों में दयोड़ से हणोगी के बीच एक साइड की दोनों टनलों से नियमित यातायात शुरू हो जाएगा।

करीब 2600 करोड़ रुपये की पंडोह बाईपास-टकोली परियोजना के प्रवेश द्वार का यह चरण शुरू होना कीरतपुर-मनाली फोरलेन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। टनलों के खुलने से सफर तेज और सुरक्षित होने के साथ क्षेत्र की कनेक्टिविटी, पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

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