हिमाचल प्रदेश

छोटी दिवाली पर दर्दनाक हादसा, गौशाला में भीषण आग लगने से 11 मवेशियों की मौत

Kavita2
8 Nov 2026 4:07 PM IST
छोटी दिवाली पर दर्दनाक हादसा, गौशाला में भीषण आग लगने से 11 मवेशियों की मौत
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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में छोटी दिवाली के दिन एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। जिले के पच्छाद उपमंडल की लाना बाका पंचायत के चनालग गांव में अचानक गौशाला में आग लगने से 11 मवेशियों की जलकर मौत हो गई। इस घटना में चार बड़े बकरे, छह बकरियां और एक बछड़ी की जान चली गई। इसके अलावा गौशाला में रखे करीब 500 घास के पूले भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गए। हादसे के समय गौशाला के मालिक राजेंद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्य खेत में काम करने गए हुए थे। आग लगने की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग गौशाला की ओर दौड़े, लेकिन जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक मवेशियों की मौत हो चुकी थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना छोटी दिवाली के दिन दोपहर के समय हुई। चनालग गांव निवासी किसान राजेंद्र सिंह का परिवार रोजमर्रा की तरह खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान परिवार के सदस्यों ने गौशाला के आसपास आग की तेज लपटें उठती देखीं। आग देखकर परिवार के लोग तुरंत गौशाला की ओर भागे। हालांकि, आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि गौशाला के भीतर मौजूद मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकालने का मौका नहीं मिल सका।

खेत में काम कर रहा था किसान का परिवार

जानकारी के मुताबिक, किसान राजेंद्र सिंह और उनके परिवार के सदस्य छोटी दिवाली के दिन खेत में काम करने गए थे। गौशाला में मवेशी मौजूद थे और एक हिस्से में पशुओं के चारे के लिए घास के करीब 500 पूले रखे हुए थे।

दोपहर के समय अचानक गौशाला के पास आग लग गई। परिवार के सदस्यों ने जब आग की लपटें देखीं तो वे तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। आग को बुझाने के लिए प्रयास शुरू किए गए, लेकिन तब तक आग गौशाला में फैल चुकी थी।

परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती गौशाला में मौजूद मवेशियों को बचाने की थी। आग की चपेट में आने से चार बड़े बकरे, छह बकरियां और एक बछड़ी की मौत हो गई।

आग की चपेट में आए 11 मवेशी

गौशाला में लगी आग ने किसान राजेंद्र सिंह को भारी नुकसान पहुंचाया है। हादसे में कुल 11 मवेशियों की मौत हुई है। इनमें चार बड़े बकरे, छह बकरियां और एक बछड़ी शामिल हैं।

घटना के समय सभी मवेशी गौशाला में मौजूद थे। अचानक आग लगने के कारण उन्हें सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका। परिवार के सदस्य जब तक गौशाला पहुंचे और आग बुझाने में सफल हुए, तब तक सभी मवेशी आग की चपेट में आ चुके थे।

इस घटना से किसान परिवार को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। पशुपालन ग्रामीण परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत परिवार के लिए गंभीर क्षति है।

500 घास के पूले भी जलकर हुए राख

गौशाला में मवेशियों के अलावा बड़ी मात्रा में घास भी रखी गई थी। जानकारी के अनुसार, गौशाला के एक हिस्से में करीब 500 घास के पूले काटकर रखे गए थे। आग लगने से ये सभी पूले पूरी तरह जल गए।

घास का उपयोग पशुओं के चारे के रूप में किया जाता है। किसान परिवार ने मवेशियों के लिए घास काटकर गौशाला में जमा की थी, लेकिन अचानक लगी आग ने पूरे चारे को नष्ट कर दिया।

इस तरह आग लगने से परिवार को दोहरा नुकसान उठाना पड़ा है। एक ओर 11 मवेशियों की मौत हुई, वहीं दूसरी ओर उनके लिए रखा गया चारा भी जलकर राख हो गया।

आग देखकर गौशाला की ओर दौड़े परिजन

घटना के दौरान परिवार के सदस्य खेत में काम कर रहे थे। दोपहर के समय गौशाला के पास आग की लपटें दिखाई देने पर सभी लोग तुरंत वहां पहुंचे।

परिवार के सदस्यों ने आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, आग पर काबू पाने से पहले ही मवेशियों और घास को भारी नुकसान पहुंच चुका था।

बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद गौशाला में मौजूद पशुओं को बचाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। अचानक हुई इस घटना ने परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है।

आग किस कारण से लगी, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। उपलब्ध विवरण में आग लगने के कारणों और संबंधित विभाग की जांच के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

छोटी दिवाली की खुशियां मातम में बदलीं

छोटी दिवाली के अवसर पर हुई इस घटना ने किसान राजेंद्र सिंह के परिवार की खुशियों को दुख में बदल दिया। त्योहार के दिन जहां परिवार के लोग सामान्य कामकाज में व्यस्त थे, वहीं अचानक गौशाला में लगी आग ने बड़ा नुकसान पहुंचा दिया।

इस हादसे में पशुओं की मौत के साथ चारे का भी भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन किसानों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। मवेशियों की देखभाल और उनके लिए चारे की व्यवस्था करने में काफी मेहनत लगती है।

ऐसे में एक ही घटना में 11 मवेशियों और 500 घास के पूलों का नष्ट होना परिवार के लिए गंभीर नुकसान है।

आग लगने के कारणों का नहीं चला पता

चनालग गांव में गौशाला में आग लगने की घटना के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। आग अचानक लगी थी और देखते ही देखते गौशाला में फैल गई।

परिवार के सदस्यों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन मवेशियों को बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद नुकसान का पूरा विवरण सामने आया है, जिसमें चार बड़े बकरे, छह बकरियां, एक बछड़ी और करीब 500 घास के पूले शामिल हैं।

फिलहाल प्रशासनिक जांच, नुकसान के आकलन और मुआवजे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

किसान परिवार को भारी नुकसान

सिरमौर जिले के पच्छाद उपमंडल की लाना बाका पंचायत के चनालग गांव में हुई इस घटना ने किसान राजेंद्र सिंह के परिवार को बड़ा झटका दिया है। छोटी दिवाली के दिन अचानक लगी आग में 11 मवेशियों की मौत और सैकड़ों घास के पूलों के जलने से परिवार को भारी क्षति पहुंची है।

घटना के समय परिवार के सदस्य खेत में काम कर रहे थे। आग दिखाई देने के बाद वे तुरंत गौशाला पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस दर्दनाक हादसे ने त्योहार के अवसर पर किसान परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है।

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