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कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से कुल 1,265 पुलिस और होम गार्ड जवानों की तैनाती की गई है। पूरे उत्सव क्षेत्र को छह सेक्टरों में विभाजित किया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावी निगरानी की जा सके।पुलिस अधीक्षक अभिषेक सेंगर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के लिए 1,125 पुलिसकर्मियों और 140 होम गार्ड जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी जवानों की जिम्मेदारियां अलग-अलग सेक्टरों में निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा पुलिस उपाधीक्षक (DSP) रैंक के आठ अधिकारियों को पूरी व्यवस्था की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है।
छह सेक्टरों में बांटी गई सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित और प्रभावी बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र को छह अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में तैनात पुलिसकर्मी और होम गार्ड जवान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।सेक्टर आधारित व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा संबंधी गतिविधियों पर लगातार नजर रखना और किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इस व्यवस्था के माध्यम से पुलिस अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
आठ DSP अधिकारियों को सौंपी गई निगरानी
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कुल्लू दशहरा उत्सव की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए DSP रैंक के आठ अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये अधिकारी विभिन्न सेक्टरों में तैनात सुरक्षा बलों के कार्यों की निगरानी करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा संबंधी निर्देश देंगे।पुलिस अधीक्षक अभिषेक सेंगर ने कहा कि उत्सव में आने वाले लोगों की सुरक्षा पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था तैयार करते समय उत्सव में संभावित भीड़ और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखा गया है।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
कुल्लू दशहरा हिमाचल प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों में शामिल है। इस उत्सव में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। स्थानीय देवी-देवताओं की पारंपरिक भागीदारी और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस आयोजन को विशेष पहचान देते हैं।उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। ऐसे में पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सुरक्षा बलों की तैनाती से भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
किसी भी अप्रिय घटना को रोकना प्राथमिकता
पुलिस प्रशासन ने उत्सव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने को प्रमुख प्राथमिकता दी है। बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी का उद्देश्य संभावित सुरक्षा चुनौतियों से निपटना और उत्सव में शामिल होने वाले लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।छह सेक्टरों में तैनाती से पुलिस को अलग-अलग क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखने में आसानी होगी। वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा बलों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह तैयार
पुलिस अधीक्षक अभिषेक सेंगर ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान जनता और मेला क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। कुल 1,265 जवानों की तैनाती और आठ DSP अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था संचालित की जाएगी।प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में शामिल होने वाले श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय नागरिक सुरक्षित वातावरण में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकें। व्यापक पुलिस बंदोबस्त के जरिए उत्सव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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