हिमाचल प्रदेश

भारतीय सेना को चीन सीमा तक पहुंचाएंगी देश की ये चार ब्रॉडगेज रेललाइनें, रेलवे लाइन को को बनाने की कवायद तेज

Renuka Sahu
16 July 2022 3:59 AM GMT
These four broad gauge railway lines of the country will take the Indian Army to the China border, the exercise to build the railway line intensified
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फाइल फोटो 

भारतीय सेना को चीन सीमा तक आसानी से पहुंचाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने चार ब्रॉडगेज रेललाइनों को बनाने की कवायद तेज कर दी है

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। भारतीय सेना को चीन सीमा तक आसानी से पहुंचाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने चार ब्रॉडगेज रेललाइनों को बनाने की कवायद तेज कर दी है। इनमें एक रेल लाइन बिलासपुर-मनाली-लेह हिमाचल में और तीन अरुणाचल प्रदेश और असम में बनाई जाएंगी। अरुणाचल में मिस्सामरी से चीन सीमा से सटे तवांग तक और असम और अरुणाचल से होकर म्यांमार सीमा तक पहुंचाने वाली लखीमपुर-बेम-शिलापत्थर रेललाइन की इसी सप्ताह डीपीआर तैयार कर दी है। अब इसे नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने रेलवे बोर्ड को सौंप दिया है। अरुणाचल की पास्सीघाट-तेजु-रूपाई की 2022 और बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन की डीपीआर दिसंबर 2021 में तैयार हो गई है। अब इन सभी परियोजनाओं की फंडिंग के लिए रक्षा मंत्रालय मंथन कर रहा है।

मिस्सामरी-तवांग रेल ट्रैक 35,000 करोड़ की अनुमानित लागत से तैयार होगा। 378 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का 80 फीसदी निर्माण टनलों में होगा। इस ट्रैक में 27 किलोमीटर लंबी टनल बनेगी, जो कि देश की सबसे लंबी रेललाइन टनल होगी। यह ट्रैक 13,700 फीट की ऊंचाई तक जाएगा। जो सेना को बॉर्डर तक सुरक्षित पहुंचाएगा। 227 किलोमीटर लंबी पास्सीघाट-तेजु-रूपाई रेललाइन भी चीन सीमा तक जाएगी। नॉर्थ लखीमपुर-बेम-शिलापत्थर रेललाइन की लंबाई 249 किलोमीटर है। तीनों परियोजनाओं की डीपीआर नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने तैयार की है। बता दें कि अरुणाचल के तवांग और असम बॉर्डर तक चीन ने रेललाइन का निर्माण शुरू कर दिया है। भारत ने भी इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बिलासपुर-मनाली-लेह की डीपीआर रक्षा और रेल मंत्रालय के विचाराधीन
बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन की तैयार डीपीआर रक्षा और रेल मंत्रालय के विचाराधीन है। 100 हजार करोड़ की इस परियोजना का कार्य चार चरणों में होगा। लेह से उपशी तक 50 किलोमीटर रेललाइन का सबसे पहले निर्माण होगा। उत्तर रेलवे ने अपने एग्रीमेंट में भी इसके लिए हामी भरी है। जैसे ही इस डीपीआर को मंजूरी मिलेगी, सबसे पहले इसी हिस्से पर कार्य शुरू होगा। केंद्रीय मंत्री व क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस रेललाइन के लिए उन्होंने आवाज भी उठाई और इसकी मंजूरी भी करवाई। आगे भी हर जरूरी कदम उठाएंगे।
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