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शिमला: राज्य बिजली बोर्ड ने प्रदेशभर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के अभियान को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह प्रक्रिया पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार जारी रहेगी। बोर्ड प्रबंधन ने कहा कि हमीरपुर से जुड़े एक न्यायालय मामले को लेकर प्रसारित हुई कुछ सूचनाओं के कारण उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बनी थी, जबकि न्यायालय का अंतरिम आदेश केवल एक उपभोक्ता के व्यक्तिगत मामले तक सीमित था।
बिजली बोर्ड के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से चल रही है और इसमें किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई है। बोर्ड ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और मीटर स्थापना अभियान में सहयोग करें।
न्यायालय के आदेश को लेकर फैला भ्रम
बोर्ड प्रबंधन ने बताया कि हमीरपुर स्थित सिविल न्यायाधीश न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम आदेश लंबलू निवासी जैमल सिंह से जुड़े एक व्यक्तिगत मामले में दिया गया था। यह आदेश किसी व्यापक नीति या पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक से संबंधित नहीं था।
बोर्ड का कहना है कि इस आदेश को कुछ माध्यमों से इस तरह प्रस्तुत किया गया, जिससे यह भ्रम पैदा हुआ कि पूरे राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने का काम रोक दिया गया है। जबकि वास्तविक स्थिति इससे अलग है।
स्मार्ट मीटर योजना पर काम जारी
राज्य बिजली बोर्ड ने कहा कि स्मार्ट मीटर योजना बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से बिजली खपत की सटीक निगरानी, बिलिंग व्यवस्था में सुधार और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगाने से बिजली वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर सुविधा
बिजली बोर्ड का कहना है कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत की जानकारी अधिक आसानी से मिल सकेगी। इससे बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत रीडिंग जैसी समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।
इसके अलावा स्मार्ट मीटर बिजली आपूर्ति प्रबंधन को बेहतर बनाने में भी सहायक होंगे। बिजली कंपनियां वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर आपूर्ति और मांग को अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रित कर सकेंगी।
बोर्ड ने उपभोक्ताओं से की सहयोग की अपील
बिजली बोर्ड प्रबंधन ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में उपभोक्ताओं का सहयोग जरूरी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि मीटर स्थापना से संबंधित सभी कार्य निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर लगाने या इससे संबंधित किसी विषय को लेकर कोई आपत्ति या सवाल है तो वह संबंधित विभाग से संपर्क कर सकता है।
तकनीकी सुधार की दिशा में कदम
राज्य बिजली बोर्ड के अनुसार, स्मार्ट मीटर व्यवस्था बिजली क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों का हिस्सा है। देश के कई राज्यों में इस तरह की आधुनिक मीटरिंग प्रणाली लागू की जा रही है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य बिजली वितरण में होने वाली तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों को कम करना तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा उपलब्ध कराना है।
अफवाहों से बचने की अपील
बिजली बोर्ड ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य अनधिकृत माध्यमों से मिलने वाली सूचनाओं की पुष्टि जरूर करें। बोर्ड ने कहा कि किसी भी योजना या प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।
बोर्ड प्रबंधन ने दोहराया कि स्मार्ट बिजली मीटर लगाने का अभियान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा और न्यायालय का अंतरिम आदेश केवल एक व्यक्तिगत मामले से संबंधित है।





