हिमाचल प्रदेश

कोर्ट की पहली मंजिल से छलांग लगाकर भागा चिट्टा तस्करी का आरोपी डेढ़ घंटे बाद नाली में छिपा मिला

Kavita2
22 Sept 2026 5:41 PM IST
कोर्ट की पहली मंजिल से छलांग लगाकर भागा चिट्टा तस्करी का आरोपी डेढ़ घंटे बाद नाली में छिपा मिला
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बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में न्यायालय में पेशी के लिए लाया गया चिट्टा तस्करी का एक आरोपी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर पहली मंजिल से छलांग लगाकर फरार हो गया। आरोपी के अचानक भागने से न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत उसकी तलाश शुरू की और करीब डेढ़ घंटे तक शहर में खोजबीन करने के बाद उसे बस स्टैंड के पास एक निकास नाली में छिपा हुआ पकड़ लिया। आरोपी की सुरक्षा और निगरानी में लगाए गए दो पुलिस जवानों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

जानकारी के अनुसार आरोपी की पहचान 32 वर्षीय चंद्रवीर के रूप में हुई है। वह कुल्लू जिले के रायसन डाकघर के अंतर्गत वार्ड नंबर पांच बैंची का निवासी बताया गया है। पुलिस की विशेष टीम ने उसे एक दिन पहले कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर एक लग्जरी बस से कथित तौर पर 12.58 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था।

पेशी के लिए कोर्ट लेकर पहुंची थी पुलिस

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाना था। उसे कोर्ट तक ले जाने और निगरानी के लिए दो पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी।

पुलिसकर्मी आरोपी को लेकर न्यायालय परिसर पहुंचे। इसी दौरान मौका देखकर आरोपी ने अचानक पहली मंजिल से छलांग लगा दी। जब तक पुलिसकर्मी स्थिति को समझ पाते, वह वहां से भाग निकला।

घटना के बाद न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तत्काल आसपास के क्षेत्रों में आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

डेढ़ घंटे तक शहर में चली तलाश

पुलिस हिरासत से आरोपी के भागने की जानकारी मिलते ही अलग-अलग टीमों को उसकी तलाश में लगाया गया। पुलिस ने न्यायालय परिसर के आसपास के रास्तों के साथ शहर के विभिन्न हिस्सों में खोजबीन शुरू की।

आरोपी के हुलिए और अन्य जानकारी के आधार पर पुलिसकर्मी संभावित ठिकानों पर उसकी तलाश करते रहे। करीब डेढ़ घंटे तक चली खोजबीन के दौरान बस स्टैंड और आसपास के इलाके को भी खंगाला गया।

इसी दौरान पुलिस को बस स्टैंड के पास एक निकास नाली में संदिग्ध गतिविधि का पता चला। जांच करने पर आरोपी वहां छिपा मिला। इसके बाद पुलिस ने उसे दोबारा हिरासत में ले लिया।

नाली में छिपकर पुलिस से बचने की कोशिश

पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने बस स्टैंड के पास निकास नाली को छिपने की जगह बनाया था। माना जा रहा है कि न्यायालय परिसर से भागने के बाद वह पुलिस की नजरों से बचते हुए वहां तक पहुंचा।

हालांकि वह ज्यादा समय तक पुलिस से बच नहीं सका। शहर में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने उसे ढूंढ निकाला।

आरोपी के दोबारा पकड़े जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। मामले में यह भी जांच का विषय है कि कोर्ट परिसर से निकलने के बाद आरोपी किस रास्ते से बस स्टैंड तक पहुंचा और इस दौरान किसी अन्य व्यक्ति ने उसकी मदद की या नहीं।

दो पुलिस जवानों की लापरवाही की जांच

आरोपी को कोर्ट में पेश करने के लिए दो पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। पुलिस हिरासत से उसके फरार होने के बाद दोनों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठे हैं।

जानकारी के मुताबिक दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ ड्यूटी में कथित लापरवाही को लेकर विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया की जा रही है।

हिरासत में मौजूद आरोपी की सुरक्षा और निगरानी संबंधित पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में यह जांच की जाएगी कि आरोपी को पहली मंजिल से छलांग लगाने और फरार होने का मौका कैसे मिला।

एक दिन पहले बस से हुआ था गिरफ्तार

चंद्रवीर को पुलिस की विशेष टीम ने सोमवार शाम गिरफ्तार किया था। पुलिस टीम कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर गरा क्षेत्र में वाहनों की जांच कर रही थी।

इसी दौरान एक लग्जरी बस की तलाशी ली गई। पुलिस के मुताबिक बस में सवार चंद्रवीर के पास से 12.58 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर संबंधित कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ से जुड़े कानून के तहत मामला दर्ज किए जाने के बाद उसे न्यायालय में पेश करने की तैयारी की गई थी।

12.58 ग्राम चिट्टा बरामद करने का दावा

पुलिस के अनुसार आरोपी से बरामद कथित चिट्टे का वजन 12.58 ग्राम है। अब जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

पुलिस ऐसे मामलों में सप्लाई नेटवर्क और अन्य संभावित संपर्कों की भी जांच करती है। हालांकि इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

आरोपी के खिलाफ आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं।

कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

न्यायालय परिसर से आरोपी के इस तरह भाग निकलने की घटना ने सुरक्षा और हिरासत व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी को पेशी के लिए लाते समय पर्याप्त निगरानी रखना जरूरी होता है, ताकि वह भागने या किसी अन्य तरह की घटना को अंजाम न दे सके।

इस मामले में आरोपी ने पहली मंजिल से छलांग लगाकर फरार होने जैसा जोखिम भरा कदम उठाया। इससे उसे चोट लगने का खतरा भी था। घटना के बाद यह देखा जा सकता है कि पेशी के दौरान आरोपी की निगरानी में कहां कमी रही।

फरार होने के घटनाक्रम की होगी जांच

पुलिस अब मूल मादक पदार्थ मामले के साथ आरोपी के हिरासत से फरार होने के घटनाक्रम की भी जांच करेगी। न्यायालय परिसर में लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों से भी यह जानकारी मिल सकती है कि आरोपी ने किस तरह मौका देखकर छलांग लगाई और वहां से किस दिशा में भागा।

इसके अलावा यह भी जांच की जाएगी कि दोनों पुलिसकर्मियों ने आरोपी को पकड़ने के लिए तत्काल क्या कदम उठाए और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं।

दोबारा पकड़े जाने के बाद पुलिस की राहत

करीब डेढ़ घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद आरोपी को बस स्टैंड के पास निकास नाली से पकड़ लिया गया। इससे पुलिस को बड़ी राहत मिली।

मामले में अब आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज कथित चिट्टा बरामदगी के मामले के साथ हिरासत से भागने के घटनाक्रम को लेकर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

वहीं आरोपी की निगरानी में तैनात दोनों पुलिस जवानों के खिलाफ कथित लापरवाही की विभागीय जांच की जा रही है। जांच के बाद जिम्मेदारी तय होने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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