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Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित देनदारियों तथा वेतन व पेंशन के समय पर भुगतान न होने को लेकर हिमाचल परिवहन मजदूर संघ ने प्रबंधन के खिलाफ आंदोलनात्मक चेतावनी जारी की है। संघ ने कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
संघ के प्रदेश महामंत्री हरीश कुमार पराशर की ओर से एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक को भेजे गए नोटिस में इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है। नोटिस में कहा गया है कि कर्मचारियों और पेंशनरों की करोड़ों रुपये की देनदारियां लंबे समय से लंबित पड़ी हैं, जिनका भुगतान अब तक नहीं किया गया है।
संघ ने आरोप लगाया है कि हर महीने कर्मचारियों को वेतन समय पर नहीं मिल रहा है। कई बार वेतन 10, 12 और यहां तक कि 15 तारीख के बाद जारी किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह पेंशनरों को भी समय पर पेंशन नहीं मिल रही, जिससे उनकी दैनिक जरूरतें प्रभावित हो रही हैं।
परिवहन मजदूर संघ ने यह भी आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर लगातार मांग पत्र और वार्ताओं के माध्यम से प्रबंधन के सामने मुद्दा उठाया गया, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। संघ का कहना है कि प्रबंधन ने वार्ता के लिए भी अब तक कोई पहल नहीं की है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
संघ के अनुसार, कर्मचारियों और पेंशनरों की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है और समय पर वेतन व पेंशन न मिलने से उनकी परेशानियां और बढ़ रही हैं। कई कर्मचारियों को रोजमर्रा के खर्चों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मजदूर संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही देनदारियों का भुगतान नहीं किया गया और वेतन-पेंशन व्यवस्था को नियमित नहीं किया गया, तो वे मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। इसके लिए जिम्मेदारी पूरी तरह से एचआरटीसी प्रबंधन की होगी।
संघ ने सरकार और परिवहन निगम प्रबंधन से मांग की है कि कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए और लंबित भुगतान तुरंत जारी किए जाएं।
इस पूरे मामले को लेकर कर्मचारियों में रोष और असंतोष का माहौल है। अब सभी की नजरें प्रबंधन की प्रतिक्रिया और आगामी कदमों पर टिकी हुई हैं।
फिलहाल, इस चेतावनी के बाद स्थिति और गंभीर होती दिखाई दे रही है और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो एचआरटीसी में बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।





